गजब: ऑर्डर-ऑर्डर’ की गूंज से थमी अदालत। महिला ने संभाली जज की कुर्सी

ऑर्डर-ऑर्डर’ की गूंज से थमी अदालत। महिला ने संभाली जज की कुर्सी

वाराणसी। शुक्रवार सुबह वाराणसी जिला अदालत परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अधेड़ उम्र की महिला अचानक अदालत कक्ष में पहुंची और ज़िला जज की कुर्सी पर बैठकर खुद को जज घोषित कर दिया। घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महिला अदालत कक्ष में दाखिल होने के बाद सीधे न्यायाधीश के मंच तक पहुंच गई और जज की कुर्सी पर बैठ गई।

इसके बाद उसने डेस्क पर रखी केस फाइलों को पलटना शुरू कर दिया और कथित तौर पर हथौड़ी उठाकर मेज पर मारते हुए कहा, “ऑर्डर, ऑर्डर… आज मैं ज़िला जज हूं। मेरे सामने गवाह और सबूत पेश करो।”

बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम करीब एक घंटे तक चलता रहा। इस दौरान अदालत कर्मियों और वकीलों ने महिला को समझाने और कुर्सी से उतरने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुई। जो भी उसके करीब जाने की कोशिश करता, वह उस पर चिल्लाने लगती थी।

सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे न्यायाधीश की कुर्सी से हटाकर हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था और शुरुआती जांच में उसके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने की आशंका जताई गई है। आवश्यक पूछताछ के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह करीब नौ बजे हुई, जब अतिरिक्त ज़िला जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह अवकाश पर थे। महिला ने अदालत कक्ष में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले यह जानकारी ली कि जज आमतौर पर किस समय अदालत पहुंचते हैं।

घटना के बाद अतिरिक्त ज़िला जज ने अदालत कक्ष का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की जांच के आदेश दिए हैं। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से यह स्पष्टीकरण मांगा गया है कि महिला सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अदालत कक्ष तक कैसे पहुंच गई।

स्थानीय अधिवक्ताओं का दावा है कि महिला पहले भी इसी तरह की हरकत कर चुकी है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इस घटना ने अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।