बिग ब्रेकिंग: देवभूमि में घूसखोरों पर विजिलेंस का प्रहार, दारोगा और सफाई नायक गिरफ्तार

देवभूमि में घूसखोरों पर विजिलेंस का प्रहार, दारोगा और सफाई नायक गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने सोमवार को दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देते हुए नैनीताल और देहरादून में दो सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

विजिलेंस टीम ने बेतालघाट में तैनात एक पुलिसकर्मी और देहरादून नगर निगम के सफाई नायक को ट्रैप कार्रवाई के दौरान दबोचा।

खनन कारोबारी से 45 हजार रुपये मांगना पड़ा भारी

नैनीताल जिले के बेतालघाट थाना क्षेत्र में तैनात कांस्टेबल दीपक सिंह को विजिलेंस ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पर खनन कारोबारी से वाहनों के संचालन में अनावश्यक रोकटोक कर रिश्वत मांगने का आरोप था।

मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सरकारी खनन पट्टे से आरबीएम (RBM) निकालने का कार्य करता है। खनन क्षेत्र से स्थानीय स्टोन क्रेशर तक आरबीएम पहुंचाने के लिए वाहनों का उपयोग किया जाता है। आरोप है कि कांस्टेबल दीपक सिंह लगातार वाहनों को रोककर चालान और सीज करने की धमकी दे रहा था।

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी पुलिसकर्मी 45 हजार रुपये की अवैध रिश्वत की मांग कर रहा है। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल दीपक सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मूल रूप से बिलहरी, चकरपुर, थाना खटीमा, जनपद ऊधमसिंह नगर का निवासी बताया गया है और वर्तमान में बेतालघाट क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था।

चालान निपटाने के नाम पर मांगी रिश्वत

वहीं दूसरी कार्रवाई देहरादून में की गई, जहां नगर निगम के सुपरवाइजर एवं सफाई नायक अंकुश कुमार को 3 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की बंजारावाला स्थित ऑटो पार्ट्स की दुकान के बाहर पानी फैला हुआ था। इस पर नगर निगम की ओर से उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम-2016 के तहत 10 हजार रुपये का चालान किया गया था।

आरोप है कि नगर निगम कर्मी अंकुश कुमार ने चालान निपटाने के एवज में 3 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने पर सतर्कता विभाग ने मामले की जांच की और आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज कर ट्रैप टीम बनाई गई।

विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील

सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकता है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन अभियान में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है और सतर्कता विभाग भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है।