चारधाम यात्रा 2026: करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 34 श्रद्धालुओं की हुई मौत

चारधाम यात्रा 2026: करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 34 श्रद्धालुओं की हुई मौत

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार हो रही मौतों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को यमुनोत्री धाम यात्रा के दौरान तमिलनाडु के 82 वर्षीय श्रद्धालु शम्भू केवल की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

वहीं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 34 श्रद्धालु जान गंवा चुके हैं। इस बीच राज्यपाल Gurmit Singh ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

जानकारी के अनुसार तमिलनाडु निवासी शम्भू केवल शनिवार को यमुनोत्री धाम से यात्रा कर लौट रहे थे। नौ कैंची के पास अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में दर्द की शिकायत के बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े।

मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें जानकीचट्टी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अखिल राणा ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताई है। यमुनोत्री यात्रा शुरू होने के बाद अब तक तीन श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद अब तक कुल 34 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 18 मौतें केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दर्ज की गई हैं।

विभाग के अनुसार अधिकतर श्रद्धालुओं की मौत हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी परेशानी और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के कारण हुई है।

डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि अधिकांश मौतें चढ़ाई के दौरान हुई हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और अन्य धामों की ऊंचाई, लगातार चढ़ाई, ऑक्सीजन की कमी और मौसम में अचानक बदलाव कई श्रद्धालुओं के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से हेल्थ चेकअप करवाकर ही यात्रा पर आने की अपील की।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 9 लाख 21 हजार से अधिक श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा 4 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 47 डेडिकेटेड अस्पताल, 28 विशेषज्ञ डॉक्टर और 400 से अधिक चिकित्सकों की तैनाती की है। कई स्थानों पर ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

इस बीच राज्यपाल Gurmit Singh शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

उन्होंने धाम में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। इसके बाद राज्यपाल ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए और श्रद्धालुओं से बातचीत कर यात्रा सुविधाओं का फीडबैक लिया।

राज्यपाल ने प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं से अनुशासन और सावधानी के साथ यात्रा करने की अपील की।

वहीं स्वास्थ्य विभाग लगातार बुजुर्गों और पहले से बीमार श्रद्धालुओं को सतर्क रहने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत मेडिकल सहायता लेने की सलाह दे रहा है।