क्राइम अपडेट: जेल सुरक्षा से गैंगरेप जांच तक, उत्तराखंड में एक दिन में कई बड़े घटनाक्रम। पढ़ें….

जेल सुरक्षा से गैंगरेप जांच तक, उत्तराखंड में एक दिन में कई बड़े घटनाक्रम। पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को अपराध नियंत्रण, सड़क हादसों, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आए।

हरिद्वार जिला जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक तैयार होने से लेकर देहरादून पुलिस के ऑपरेशन प्रहार की कार्रवाई, अल्मोड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, रुद्रपुर जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत और चंपावत गैंगरेप मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक प्रदेशभर में कई मुद्दे चर्चा में रहे।

हरिद्वार जेल में बनी हाई सिक्योरिटी बैरक

हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई हाई सिक्योरिटी बैरक तैयार कर ली गई है। करीब 50 बंदियों की क्षमता वाली इस बैरक में हार्डकोर अपराधियों और कुख्यात गैंगस्टरों को रखा जाएगा।

जेल प्रशासन के अनुसार बैरक में सीसीटीवी समेत आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिससे जेल के भीतर आपराधिक नेटवर्किंग और अनुशासनहीनता पर रोक लग सके।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने बताया कि सुरक्षा उपकरणों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इंस्टॉलेशन का कार्य शुरू होगा और उसके बाद हार्डकोर अपराधियों को यहां शिफ्ट किया जाएगा। गौरतलब है कि 888 कैदियों की क्षमता वाली हरिद्वार जेल में वर्तमान में करीब 950 बंदी निरुद्ध हैं।

अल्मोड़ा में दर्दनाक हादसा, तीन जगरियों की मौत

अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक कार गहरी खाई में गिर गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा रापड़-गंगोड़ा-चमड़खान मोटर मार्ग पर हुआ। बताया गया कि तीनों मृतक जागर कार्यक्रम से लौट रहे थे।

एसडीआरएफ और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों में भुवन पुत्र दीवान राम और कैलाश चंद्र पुत्र बहादुर राम की पहचान हुई है, जबकि तीसरे मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं। तीनों पारंपरिक ‘जगरी’ थे, जो उत्तराखंड की लोक धार्मिक परंपरा जागर से जुड़े हुए थे।

वहीं मसूरी में भी देर रात बड़ा हादसा टल गया। धनौल्टी रोड पर एक युवक करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया। पुलिस, फायर सर्विस और 108 एंबुलेंस की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

देहरादून में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के एक महीने में 300 गिरफ्तारी

राजधानी देहरादून में बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन प्रहार’ को एक महीना पूरा हो गया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत 3 अप्रैल से 5 मई तक 300 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने इस दौरान 10,393 लोगों का सत्यापन किया, जिनमें से 3,102 के खिलाफ कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 14 अवैध हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस ने बार, पब, क्लब, होटल और संवेदनशील इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन प्रहार का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराध को जड़ से खत्म करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अभियान को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

रुद्रपुर जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा

उधम सिंह नगर के जिला अस्पताल रुद्रपुर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत होने से परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

मृतका ज्योति पांडे को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात उन्होंने बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि समय पर डॉक्टर और ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे महिला की मौत हो गई।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है।

एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, दो इनामी अपराधी गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ, यूपी एसटीएफ और सीबीसीआईडी की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपए के इनामी आरोपी देवेंद्र प्रकाश तिवारी को आगरा से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी पर हरिद्वार स्थित धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड के जरिए आरडी और फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।

वहीं दूसरे मामले में राजस्थान में लूट के मामले में 12 साल से फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी देवेश मौर्या को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। आरोपी वसंत विहार क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड बनकर रह रहा था।

चंपावत गैंगरेप मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

चंपावत में नाबालिग से कथित गैंगरेप मामले में बीजेपी नेता समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है। आरोपियों के परिजन मीडिया के सामने आए और पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया।

आरोपी की पत्नी और बेटी ने दावा किया कि घटना के समय आरोपी घर पर मौजूद था और उसे जानबूझकर फंसाया जा रहा है। वहीं कुमाऊं रेंज आईजी रिधिम अग्रवाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस के अनुसार पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि शादी समारोह में गई नाबालिग को तीन युवकों ने बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले की जांच जारी है।