चारधाम यात्रा 2026: 5 लाख के करीब पहुंचे श्रद्धालु, 12 दिनों में 14 की मौत

चारधाम यात्रा 2026: 5 लाख के करीब पहुंचे श्रद्धालु, 12 दिनों में 14 की मौत

  • भीड़ के बीच प्रशासन अलर्ट, योग-प्राणायाम शिविर राहत का सहारा। 12 दिनों में 14 श्रद्धालुओं की मौत से बढ़ी चिंता

देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 पूरे जोश और आस्था के साथ जारी है। यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब तक 4,97,526 से अधिक यात्री चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार केदारनाथ धाम में सबसे अधिक भीड़ उमड़ी है।

धामवार श्रद्धालुओं का आंकड़ा

  • यमुनोत्री धाम: 72,225 श्रद्धालु
  • गंगोत्री धाम: 72,494 श्रद्धालु
  • केदारनाथ धाम: 2,44,642 श्रद्धालु
  • बदरीनाथ धाम: 1,08,165 श्रद्धालु

30 अप्रैल को ही हजारों श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए, जिससे यात्रा की रफ्तार और तेज होती दिख रही है।

केदारनाथ में योग-प्राणायाम बना सहारा

ऊंचाई, ठंड और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों के बीच केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन द्वारा योग एवं प्राणायाम शिविर शुरू किया गया है।

हर दिन सुबह 10 से 11 बजे तक आयोजित इस निशुल्क शिविर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सांस की तकलीफ, थकान और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं में यह पहल कारगर साबित हो रही है।

स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता

यात्रा के बढ़ते आंकड़ों के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी सामने आ रहे हैं। 19 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 14 श्रद्धालुओं की मौत स्वास्थ्य खराब होने के कारण हो चुकी है।

  • केदारनाथ में: 8 मौत
  • यमुनोत्री में: 3 मौत
  • गंगोत्री में: 1 मौत
  • बदरीनाथ में: 2 मौत

केवल 30 अप्रैल को ही 6 श्रद्धालुओं की जान गई, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

खराब मौसम के बीच सुरक्षित यात्रा

बारिश और कोहरे के बावजूद यात्रा सुचारू रूप से जारी है। प्रशासन ने हाई अलर्ट मोड में रहते हुए हेली सेवाओं पर कड़ी निगरानी, यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, रेन शेल्टर, गर्म पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बदरीनाथ में कचरे से कमाई का मॉडल

बदरीनाथ धाम में नगर पंचायत ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण को आय के स्रोत में बदल दिया है। यात्रा के पहले सप्ताह में ही 8 टन कचरे से 84 हजार रुपये की आय अर्जित की गई है। यह मॉडल अब अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

प्रशासन का फोकस

जिला प्रशासन और राज्य सरकार का फोकस यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने पर है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चारधाम यात्रा में जहां एक ओर आस्था का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और सुरक्षा बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। प्रशासन की तैयारियां जारी हैं, लेकिन श्रद्धालुओं को भी यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।