पंतनगर विश्वविद्यालय में फूड प्वाइजनिंग का बड़ा मामला, स्पेशल डाइट खाने के बाद 150 छात्र बीमार
रुद्रपुर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में बुधवार रात फूड प्वाइजनिंग का बड़ा मामला सामने आया।
विश्वविद्यालय के पटेल भवन छात्रावास में स्पेशल डाइट के तहत परोसे गए भोजन का सेवन करने के बाद करीब 150 छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। छात्रों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, पटेल भवन छात्रावास में इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष के लगभग 185 छात्र रहते हैं। बुधवार को मेस की ओर से विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी। शाकाहारी छात्रों को पनीर, जबकि मांसाहारी छात्रों को चिकन के साथ नान और चावल परोसे गए थे।
रात करीब नौ बजे भोजन करने के बाद कई छात्रों को एक से दो घंटे के भीतर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र बीमार पड़ गए, जिससे छात्रावास में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही छात्रावास प्रबंधन, वार्डन और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) मौके पर पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए बीमार छात्रों को विश्वविद्यालय की एंबुलेंसों और बस की मदद से चिकित्सालय पहुंचाया।
चिकित्सालय में डॉक्टरों ने छात्रों का प्राथमिक उपचार किया और उन्हें ग्लूकोज की ड्रिप तथा आवश्यक दवाइयां दीं। अधिकांश छात्रों की हालत उपचार के बाद स्थिर बताई गई, लेकिन दो छात्रों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रुद्रपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया।
घटना के बाद छात्रों ने मेस की खाद्य गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पहले भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि पूर्व में भोजन में कीड़े निकलने की घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिन पर केवल आर्थिक दंड लगाकर मामला निपटा दिया गया था।
फूड प्वाइजनिंग की इस घटना का असर छात्रों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर भी पड़ सकता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में फाइनल परीक्षाएं चल रही हैं और कई छात्रों की परीक्षाएं निर्धारित थीं। अचानक तबीयत खराब होने से अनेक छात्र परीक्षा देने की स्थिति में नहीं रहे।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मेस संचालक की फूड सर्विस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर विपिन ध्यानी ने बताया कि छात्रों के बीमार होने की सूचना मिलते ही पूरा प्रशासनिक और चिकित्सा स्टाफ उनकी देखभाल में जुट गया था। उन्होंने कहा कि छात्रों की स्थिति अब नियंत्रण में है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


