दरबार श्री गुरु राम राय की भूमि पर विवाद, पत्थरबाजी और मारपीट से मचा हड़कंप
- संगतों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा, अवैध कब्जे के आरोपों पर एफआईआर दर्ज
देहरादून। राजधानी देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में स्थित दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज की भूमि को लेकर बुधवार को विवाद गहरा गया।
दरबार प्रशासन और संगतों ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्थगन आदेश (स्टे) के बावजूद कुछ लोगों द्वारा भूमि पर अवैध कब्जे, प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किए जा रहे थे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे लोगों के बीच विवाद बढ़ गया और पत्थरबाजी व मारपीट की घटना सामने आई।
दरबार प्रशासन के अनुसार, मोथरोवाला स्थित करीब पांच बीघा भूमि के निरीक्षण और कार सेवा के लिए बड़ी संख्या में संगतें पहुंची थीं। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद की स्थिति बन गई।
संगतों का आरोप है कि उनके ऊपर पत्थरबाजी और हमला किया गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि अन्य लोग मौके से फरार हो गए।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ थाना क्लेमेन्टाउन में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घायलों का अस्पताल में उपचार
घटना के दौरान हुई मारपीट और पत्थरबाजी में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल रहा, हालांकि पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
संपत्ति की सुरक्षा को लेकर संगतों में आक्रोश
दरबार प्रशासन और संगतों ने दावा किया कि संबंधित भूमि दरबार की स्वामित्व वाली संपत्ति है और उसके सभी अभिलेख शासन-प्रशासन को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
संगतों ने कहा कि वे संस्था की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं होने देंगे और कानूनी तरीके से अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
भू-माफियाओं की गतिविधियों पर उठे सवाल
घटना के बाद एक बार फिर देहरादून में भूमि विवादों और कथित भू-माफियाओं की गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों की बढ़ती आवाजाही पर चिंता व्यक्त की है।
वहीं दरबार प्रशासन ने शासन और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच तथा भूमि विवादों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दरबार के वरिष्ठ व्यवस्थापक विजय गुलाटी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल अपनी संपत्तियों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से कानून व्यवस्था कायम रखने और विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत कराने की अपील की है।


