उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न। बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से मई की शुरुआत ठंडी
देहरादून। अप्रैल के अंतिम दिनों में उत्तराखंड का मौसम अचानक बदल गया है। जहां कुछ दिन पहले तक मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था, वहीं अब बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंड का एहसास फिर से लौटा दिया है।
गुरुवार को देहरादून समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस बदलाव के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) जिम्मेदार है। इस सिस्टम ने पूरे प्रदेश के मौसम पैटर्न को प्रभावित किया है, जिससे बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है।
पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में राहत
ऊंचाई वाले क्षेत्रों, खासकर 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी जारी है। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत दी है। इससे किसानों और आम लोगों को काफी राहत मिली है।
येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम
अगले 3 से 4 दिन तक मौसम सुहावना बना रह सकता है
3 मई से फिर मौसम सक्रिय होने की संभावना
4 और 5 मई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है
स्वास्थ्य पर असर
मौसम में अचानक बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड में मौसम का यह बदलाव जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर सतर्कता की भी आवश्यकता है। आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।

