चारधाम यात्रा 2026: आदि कैलाश यात्रा शुरू, चारधाम में रिकॉर्ड भीड़। केदारनाथ पहुंचे गौतम अडानी
- पिथौरागढ़ से 200 यात्री रवाना, चारधाम रजिस्ट्रेशन 25 लाख पार। केदारनाथ में वीआईपी दर्शन और रोपवे परियोजना चर्चा में
देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों धार्मिक पर्यटन अपने चरम पर है। एक ओर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से आदि कैलाश और ऊं पर्वत यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है।
वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी बीच देश के प्रमुख उद्योगपति Gautam Adani का केदारनाथ धाम दौरा भी चर्चा में बना हुआ है।
आदि कैलाश यात्रा का शुभारंभ, 200 यात्री रवाना
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला से एसडीएम आशीष जोशी ने करीब 200 यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब तक इस यात्रा के लिए 500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 350 यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं।
यात्री धारचूला से गुंजी, कुटी होते हुए ज्योलिंगकांग पहुंचेंगे, जहां पार्वती सरोवर से आदि कैलाश के दर्शन करेंगे। इसके बाद नाभिढांग से ऊं पर्वत के दर्शन का कार्यक्रम निर्धारित है।
प्रशासन ने यात्रियों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट और परमिट को अनिवार्य किया है। 3000 से 5500 मीटर की ऊंचाई पर होने वाली इस यात्रा में हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा भी बना रहता है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा
प्रधानमंत्री Narendra Modi के 2023 में आदि कैलाश दौरे के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन तेजी से बढ़ा है। जहां पहले पर्यटकों की संख्या 2 हजार से कम थी, अब यह 30 हजार के पार पहुंच चुकी है। इस वर्ष एक लाख पर्यटकों के आने का अनुमान है।
धारचूला, गुंजी और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे और टूर ऑपरेटरों में उत्साह देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा को लेकर इस बार रिकॉर्ड उत्साह देखा जा रहा है। 30 अप्रैल तक चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए 25,76,149 श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं। अब तक करीब 5 लाख श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
धामवार आंकड़ों में
- केदारनाथ: 9,09,432 रजिस्ट्रेशन
- बदरीनाथ: 7,63,564
- गंगोत्री: 4,43,387
- यमुनोत्री: 4,28,866
हेमकुंड साहिब यात्रा (23 मई से प्रस्तावित) के लिए भी 30,900 से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में भी भारी भीड़ देखी जा रही है।
केदारनाथ पहुंचे गौतम अडानी, की विशेष पूजा
इसी बीच अडाणी समूह के चेयरमैन Gautam Adani अपनी पत्नी प्रीति अडानी के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना की।
मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। वीआईपी मूवमेंट के बावजूद आम श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया गया।
केदारनाथ रोपवे परियोजना को लेकर बढ़ी चर्चा
अडानी समूह की कंपनी Adani Enterprises Limited द्वारा सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे प्रस्तावित है।
यह रोपवे बनने के बाद वर्तमान 9 घंटे की पैदल यात्रा घटकर लगभग 36 मिनट की रह जाएगी। परियोजना को दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे रोपवे में शामिल किया जा रहा है।
सुरक्षा और पर्यावरण पर प्रशासन की नजर
यात्रा सीजन के दौरान प्रशासन ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। वहीं, बढ़ती पर्यटक संख्या और हेलीकॉप्टर सेवाओं के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जहां एक ओर आस्था का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने की चुनौती भी बनी हुई है।

