रुड़की में गौकशी विवाद, डोईवाला में पुलिस मुठभेड़ और देहरादून हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में एक साथ सामने आई तीन बड़ी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में गौवंश हत्या के आरोपों ने माहौल को संवेदनशील बना दिया है, जबकि देहरादून और डोईवाला में पुलिस की सख्त कार्रवाई अपराधियों पर शिकंजा कसती नजर आ रही है।
रुड़की के झबरेड़ा थाना क्षेत्र स्थित लाठरदेवा शेख गांव में तीन महीने पुराने गौवंश अवशेष मामले में नया मोड़ आया है।
ग्रामीणों ने अब खुलकर आरोप लगाए हैं कि एक शादी समारोह में 10 से अधिक गौवंश की हत्या कर उनका मांस परोसा गया। इस मामले में एक स्थानीय नेता पर भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अब तक मामला दबाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के अनुसार, नए सिरे से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, हिंदू संगठनों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
इधर, देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। संदिग्ध कार का पीछा करते हुए पुलिस ने आरोपी को घेर लिया, जिसने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी पहले से कई मामलों में वांछित बताया जा रहा है।
वहीं, राजधानी देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें से एक घायल है। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
एक ओर रुड़की का संवेदनशील मामला सामाजिक तनाव को बढ़ा सकता है, वहीं दूसरी ओर देहरादून और डोईवाला में पुलिस की सक्रियता अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देती है। आने वाले दिनों में इन मामलों की जांच और कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।

