पहाड़ में दर्द और दहशत। खाई में गिरी कार, बाघ का हमला, दुष्कर्म का केस
देहरादून। उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से सामने आई घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और वन्यजीव खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहीं शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला सामने आया तो कहीं दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, देहरादून में प्रॉपर्टी फर्जीवाड़ा और नैनीताल में बाघ के हमले ने लोगों में दहशत फैला दी है।
कोटद्वार: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
Kotdwar में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल कुमार को Dehradun से गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़िता ने 20 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में मुकर गया। विरोध करने पर गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई जारी है।
रुद्रप्रयाग: 250 मीटर खाई में गिरी कार, तीन की मौत
Rudraprayag जिले में भीरी-ककोला मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक हादसे में कार करीब 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और State Disaster Response Force की टीम मौके पर पहुंची और कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
मृतकों की पहचान नवीन सिंह (30), अंशुल (28) और अमित सिंह (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों का पंचायतनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
देहरादून: भाई ने ही किया प्रॉपर्टी में फर्जीवाड़ा
Dehradun में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने ही भाई की संपत्ति में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नक्शा पास करा लिया।
राजपुर रोड निवासी प्रेम भूटानी ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने एमडीडीए के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी हस्ताक्षर किए और उनके प्लॉट पर निर्माण शुरू करा दिया।
एमडीडीए की आंतरिक जांच में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी भाई, उसके सहयोगियों और अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नैनीताल: बाघ के हमले में महिला की मौत, गांव में दहशत
Nainital के ज्योलीकोट क्षेत्र में बाघ के हमले में 52 वर्षीय हेमा पांडे की दर्दनाक मौत हो गई। महिला जंगल में चारा लेने गई थीं, जहां अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बाद में ग्रामीणों को करीब 2 किलोमीटर दूर उनका क्षत-विक्षत शव मिला।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की सक्रियता के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर बाघ को पकड़ने के प्रयास तेज करने की बात कह रही है, लेकिन फिलहाल गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बढ़ती घटनाएं, कई सवाल
राज्य में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कई अहम मुद्दों को उजागर किया है।
- महिलाओं की सुरक्षा
- पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग
- सरकारी तंत्र में पारदर्शिता
वन्यजीव-मानव संघर्ष
इन सभी मामलों में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई जरूर दिखी है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान की जरूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

