स्वास्थ्य: चारधाम यात्रा में हेल्थ अलर्ट। 57 स्क्रीनिंग सेंटर और हाईटेक अस्पताल तैयार

चारधाम यात्रा में हेल्थ अलर्ट। 57 स्क्रीनिंग सेंटर और हाईटेक अस्पताल तैयार

देहरादून। इस वर्ष की चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने का दावा किया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस बार यात्रा को केवल आस्था तक सीमित न रखते हुए इसे सुरक्षित और स्वास्थ्य-सुरक्षित यात्रा के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक तैयारियां की गई हैं।

हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय मार्गों से गुजरते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष रणनीति अपनाई गई है।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच के लिए हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में कुल 57 स्क्रीनिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं।

इन केंद्रों पर हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित यात्रियों की पहचान कर उन्हें समय रहते चिकित्सकीय सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके साथ ही केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे दुर्गम पड़ावों पर 17 बेड के अस्पताल पहले से संचालित किए जा चुके हैं, जबकि बदरीनाथ में 50 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल जून तक शुरू किए जाने की तैयारी है।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 25 विशेषज्ञ चिकित्सकों, 178 मेडिकल अधिकारियों और 414 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की है।

इसके अतिरिक्त दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जहां से डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देकर यात्रा ड्यूटी में लगाया जा रहा है।

आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर 177 एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं और हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।

इसके साथ ही विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 भाषाओं में स्वास्थ्य परामर्श जारी किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु 112, 108 और 104 हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर सकते हैं।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इस वर्ष स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को एक नए स्तर पर ले जाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए गए हैं तथा गंभीर रूप से बीमार यात्रियों की पहचान और निगरानी के लिए विशेष तंत्र विकसित किया गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को इलाज के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।