उत्तराखंड में आस्था का उत्सव। अष्टमी और रामनवमी पर कन्या पूजन, भक्ति और परंपरा का संगम
देहरादून। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और रामनवमी के अवसर पर उत्तराखंड में आस्था, भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रदेशभर में कन्या पूजन, भंडारे, ज्योत यात्राएं और विशेष धार्मिक आयोजन किए गए।
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर विधि-विधान से कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कन्याओं के पैर पखारे, उन्हें भोजन कराया और आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
हल्द्वानी नगर निगम में भी विशेष आयोजन हुआ, जहां स्वच्छता कर्मियों (पर्यावरण मित्रों) की करीब 150 कन्याओं के लिए कन्या भोज का आयोजन किया गया।
महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कन्याओं को सम्मानपूर्वक भोजन कराया और इसे सेवा, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। इस दौरान स्वच्छता कर्मियों के परिवारों में भावुक माहौल भी देखने को मिला।
रामनगर में अष्टमी और नवमी के मौके पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। पर्वतीय जन जागृति प्रयास सेवा समिति द्वारा आयोजित जागरण के तहत मां गिरिजा ज्योत यात्रा निकाली गई।
मां गिरिजा देवी धाम के लिए निकली इस यात्रा में झांकियों और डोले के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।
वहीं, धर्मनगरी हरिद्वार में नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शिवालिक पर्वत पर स्थित मनसा देवी मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और सुबह-शाम भव्य आरती का आयोजन हुआ। मान्यता है कि यहां मां मनसा देवी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं, जिसके चलते दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
नवरात्र और रामनवमी के इन आयोजनों ने एक बार फिर प्रदेश में आस्था, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।
