सोफिया, बुल्गारिया में अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजी देहरादून की आवाज

सोफिया, बुल्गारिया में अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजी देहरादून की आवाज

  • श्री महंत इंद्रेश अस्पताल की वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. पल्लवी कौल का प्रेरक व्याख्यान

देहरादून स्थित श्री महंत इंद्रेश अस्पताल की वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. पल्लवी कौल ने सोफिया, बुल्गारिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट सम्मेलन में आमंत्रित व्याख्यान देकर उत्तराखंड और भारत का गौरव बढ़ाया।

यह सम्मेलन यूरोप के विभिन्न देशों से आए प्रतिष्ठित सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की उपस्थिति में आयोजित हुआ, जहाँ डॉ. कौल का व्याख्यान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व पर केंद्रित रहा व्याख्यान

डॉ. पल्लवी कौल का व्याख्यान सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में कार्यरत महिलाओं के रिटेंशन (Retention) और प्रोफेशनल प्रोग्रेशन (Professional Progression) जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आधारित था।

उन्होंने अपने अनुभवों और शोधपरक दृष्टिकोण के माध्यम से बताया कि किस प्रकार महिला सर्जनों को करियर उन्नति, प्रशिक्षण, मेंटरशिप और नेतृत्व के अवसरों में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तथा संस्थागत स्तर पर किन नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है।

उनकी प्रस्तुति को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अत्यंत सराहा और विषय पर सार्थक एवं गहन चर्चा हुई।

उत्तराखंड की अकादमिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती

डॉ. कौल के विद्वत्तापूर्ण प्रस्तुतीकरण और आत्मविश्वासपूर्ण प्रतिनिधित्व ने न केवल अस्पताल, बल्कि श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय तथा एसजीआरआर एजुकेशन मिशन की अकादमिक साख को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ किया।

यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड के चिकित्सा संस्थान अब वैश्विक स्तर पर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षण, मेंटरशिप और पेशेवर विकास के महत्वपूर्ण विमर्शों का हिस्सा बन रहे हैं।

संस्थान के लिए गौरव का क्षण

माननीय चेयरमैन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में संस्थान निरंतर शैक्षणिक एवं नैदानिक उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है।

इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता संस्थान की बढ़ती अकादमिक पहचान और वैश्विक योगदान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

डॉ. पल्लवी कौल को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। उन्होंने अपने संस्थान, उत्तराखंड और देश का प्रतिनिधित्व गरिमा, ज्ञान और उत्कृष्टता के साथ किया।