बड़ी खबर: पत्रकारों और लेखकों के घरों पर स्पेशल सेल की छापेमारी। मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जब्त

पत्रकारों और लेखकों के घरों पर स्पेशल सेल की छापेमारी। मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जब्त

नई दिल्ली। हाल ही में आई बड़ी खबर के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई की ख़बर सामने आ रही है। जी हां दरअसल पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली में कई पत्रकारों और लेखकों के घरों पर छापेमारी की है और इस छापेमारी में मोबाइल, लैपटॉप जब्त किए गए है।

सामने आई बड़ी खबर के मुताबिक, पत्रकार अभिसार शर्मा समेत कई पत्रकारों के घर छापे मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए गए है। संजय राजोरा, भाषा सिंह, उर्मिलेश, प्रबीर पुरकायस्थ, सोहेल हाशमी इन पत्रकारों के घर पर छापेमारी हुई है।

रेड के दौरान पुलिस की स्पेशल सेल ने मोबाइल और लैपटॉप, कंप्यूटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जब्त किए हैं। पुलिस ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने हार्डडिस्क डेटा भी लिया है।

न्यूज क्लिक की फंडिंग को लेकर ईडी पहले भी रेड मार चुकी है। ईडी ने इस मामले में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था और न्यूज क्लिक की कुछ संपत्तियां भी अटैच की थीं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारी पत्रकारों के ठिकानों पर तलाशी ले रहे है।

हालांकि अब तक मामले में कोई भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक कुछ पत्रकारों को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया है। जिनमें अभिसार शर्मा और उर्मिलेश शामिल हैं।

ईडी इससे पहले न्यज पोर्टल के खिलाफ मामला दर्द कर उसकी फंडिंग की जांच कर चुकी है। दिल्ली पुलिस ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है, जिसके तहत आज पत्रकारों की तलाशी ली गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसके बारे में ज्यादा जानकारी पुलिस दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साझा करेगी।

विशेष प्रकोष्ठ केंद्रीय एजेंसी से मिली जानकारी के आधार पर ये छापेमारी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने ‘न्यूजक्लिक’ के कुछ पत्रकारों के लैपटॉप और मोबाइल फोन का ‘डंप डेटा’ (किसी कम्प्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल से किसी दूसरे उपकरण में स्थानांतरित किया गया डेटा) बरामद किया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने संजय राजौरा, भाषा सिंह, उर्मिलेश, प्रबीर पुरकायस्थ, अभिसार शर्मा, औनिंद्यो चक्रवर्ती और सोहेल हाशमी के घर पर छापेमारी की. उनके फोन और लैपटॉप जब्त कर लिए। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यूएपीए लगाया है।

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ और उसके पत्रकारों से जुड़े परिसरों पर आज सुबह यानी मंगलवार को छापेमारी की। गौरतलब हो कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इससे पहले भी समाचार पोर्टल के वित्त पोषण के स्रोतों की जांच के तहत कंपनी के परिसरों पर छापे मारे थे।

उन्होंने बताया कि विशेष प्रकोष्ठ ने एक नया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दिल्ली पुलिस मेरे घर पहुंची। मेरा लैपटॉप और फोन ले लिया।”

 

दरअसल, आरोप लगाए जा रहे हैं कि पोर्टल को काम करने के लिए चीन से फंडिंग मिल रही है। इतना ही नहीं बल्कि आपको बता दें कि पुलिस दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद में भी 30 से ज्यादा ठिकानों पर तलाशी कर रही है। दिल्ली पुलिस ने UAPA के तहत मामला दर्ज किया है।

पत्रकार अभिसार शर्मा, भाषा सिंह, अनुभवी पत्रकार उर्मिलेश, न्यूज़क्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और गीता हरिहरन, औनिंद्यो चक्रवर्ती,इतिहासकार सोहेल हाशमी, व्यंग्यकार और स्टैंड-अप कॉमेडियन संजय राजौरा पर आज सुबह ‘छापा’ मारा गया।

तीस्ता सीतलवाड़ और परंजॉय गुहा ठाकुरता के घर पर भी छापेमारी की गई है। पुलिस ने आज सुबह संजय राजौरा, भाषा सिंह, उर्मिलेश, प्रबीर पुरकायस्थ, अभिसार शर्मा, औनिंद्यो चक्रवर्ती और सोहेल हाशमी के घरों पर छापेमारी की है और उनके फ़ोन और लैपटॉप ले गए हैं. कई पत्रकारों को पुलिस स्टेशन ले जाया गया है. ये सभी न्यूज़क्लिक से जुड़े हुए हैं।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक एनडीटीवी के पूर्व प्रबंध संपादक औनिंद्यो चक्रवर्ती, उर्मिलेश और अभिसार शर्मा को हिरासत में लिया गया है। वहीं सांस्कृतिक कार्यकर्ता सोहेल हाशमी के घर पर भी पुलिस ने छापा मारा।

न्यूज क्लिक के सीईओ प्रबीर पुरकायस्थ के घर पर भी पुलिस ने रेड मारी है। साथ ही भाषा सिंह और तीस्ता के घर पर भी छापेमारी जारी है। 9 पत्रकारों को डिटेन किया है। आरोप लगाया है कि, विदेश से पैसे लेके सरकार की छवि खराब कर रहे हैं,विदेशी फंडिंग गैर कानूनी तरीके से ली । पाइप लाइन में कई और हैं।

वरिष्ठ पत्रकार पवन सिंह ने लिखा है शर्मनाक…… ये निकला सत्ता का असल कैरेक्टर……आज सुबह 8 बजे से….दिल्ली में अभिसार, उर्मिलेश, भाषा सिंह और कई पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस के छापे, फोन लैपटॉप जब्त.. विदेशी फंडिंग का आरोप..ऐसे ही जीतेंगे चुनाव..कलम और सवालों से इतना खौफ… इनमें से उर्मिलेश, अभिसार शर्मा और अनिंदो चक्रवर्ती को कथित आतंकवादी कनेक्शन के लिए गिरफ्तार किए जाने की खबर है। आपातकाल की याद दिलाने वाले भाजपा नेता ऐसे अघोषित आपातकाल में कंफर्ट रहते हैं।

अभिसार शर्मा ने (एक घंटे पहले) ट्वीट किया है, दिल्ली पुलिस मेरे घर आई। मेरा लैपटॉप और फोन ले जा रही है! भड़ास वाले यशवंत सिंह के बेटे ने लिखा है, किसी मामले में जांच के लिए बुलाया गया था आईफोन ले लिया गया। कोई रसीद नहीं दी गई।

बेटे का आरोप है कि इस तरह जब्त फोन से / में कुछ भी करके बदनाम किया जा सकता है। लंबे सप्ताहांत के बाद पत्रकारिता का अमृतकाल शुरू हो गया लगता है। आएगी, सबकी बारी आएगी। प्राथमिकता तय करने की आजादी तो सरकार को दीजिये।

वरिष्ठ चिंतक पत्रकार रवीन्द्र ओझा , अजय शुक्ल , कुमार नरेंद्र सिंह , किसान – कामगार नेता शिवाजी राय , पोलिटिकल एक्टिविस्ट चतुरानन ओझा और बुद्धिधर्मी प्रो. असीम सत्यदेव ने , एनडीटीवी के पूर्व प्रबंध संपादक औनिंद्यो चक्रवर्ती, वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश और अभिसार शर्मा को हिरासत में लिये जाने की कड़ी भर्त्सना की है ।

साथियों ने कहा है – यह सरकार की घबराहट और डर का नतीजा है। सरकार अब , कवियों , लेखकों , चिंतकों और पत्रकारों के दमन पर उतर आयी है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने न्यूज क्लिक से जुड़े 30 ठिकानों पर छापेमारी की है और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस-मोबाइल , लैपटाप आदि जब्त कर लिए हैं।

सांस्कृतिक कार्यकर्ता सोहेल हाशमी के घर पर पुलिस ने छापा मारा है। न्यूज क्लिक के सीईओ प्रबीर पुरकायस्थ के घर पर भी पुलिस ने दबिश दी है । भाषा सिंह और तीस्ता के घर पर भी छापेमारी चल रही है ।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि साल 2021 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सबसे पहले Newsclick को मिली अवैध फंडिंग को लेकर मुकदमा दर्ज किया था।

ये संदिग्ध फंडिंग चीनी कंपनियों के जरिये News Click को प्राप्त हुई थी। इसी के बाद ED ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। हालांकि हाई कोर्ट ने उस वक़्त Newsclick के प्रोमोटरों को गिरफ्तारी से राहत दी थी।

राज्य सभा सांसद और राजद नेता मनोज झा ने कहा, ” मैं समझता हूं कि इससे ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई ठीक गांधी जयंती के बाद कोई नहीं हो सकती थी. क्यों कह रहे हैं आप दिल्ली पुलिस? ये गृह मंत्री के अंदर है, उनकी मर्जी के बगैर पत्ता हिलता है? जो लोग आपसे सवाल पूछे, जो लोग आपकी भजन मंडली में शामिल होने से इनकार कर दे, आप उनके साथ ये करते हैं, ये आपका स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर हो गया गया है।

उन्होंने कहा, ” एक फ़ासिस्ट स्टेट के जितने अवयव होते हैं, वो सब आप में हैं. क्या नज़ीर पेश कर रहे हैं. अगर मैं आपातकाल के उस छोटे से दौर को छोड़ दूं तो आज तक आज़ाद हिंदुस्तान में किसी भी सरकार ने अपनी आलोचना करने वालों के प्रति इस प्रकार की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई नहीं की है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “न्यूज़क्लिक से जुड़ी पत्रकारों पर सुबह-सुबह छापेमारी बिहार जातिगत सर्वेक्षण से ध्यान भटकाने का ताजा मामला है. क्योंकि देश में जातिगत जनगणना की मांग जोर पकड़ रही है. जब उनके पास सिलेबस से बाहर का सवाल आ जाता है तो वो सिर्फ़ एक ही सिलेबस का सहारा लेते हैं-ध्यान भटकाओ।

उत्तराखंड के जनपद नैनीताल से भाकपा माले के जिला सचिव कैलाश पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है।

न्यूज़क्लिक के सम्पादक प्रबीर, गीता हरिहरन, वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, भाषा सिंह, अभिसार शर्मा, सोहेल हाशमी, संजय राजौरा, अनिंदोय चक्रवर्ती जैसे स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकारों पर मोदी शाह के इशारे पर दिल्ली पुलिस द्वारा मारे गए छापों का हम विरोध करते हैं।

यह स्पष्ट तौर पर पत्रकारों की आवाज को दबाने और प्रेस की स्वतंत्रता का हनन करने की कोशिश है। यह बात एक प्रेस बयान के माध्यम से भाकपा माले जिला सचिव डा कैलाश पाण्डेय ने कही।

उन्होंने कहा कि, “मोदी सरकार सच्चाई को सामने लाने वाले और विरोध की आवाज़ बुलंद करने वाले पत्रकारों के घरों पर छापा मारने की फासिस्ट कार्यवाही कर रही है। सरकार के इस बेलगाम आपातकाल और प्रेस की आज़ादी पर हमले का व्यापक विरोध किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि, “यह स्पष्ट रूप से मोदी सरकार का उसके खिलाफ जनता के बढ़ते असंतोष की हताशा से उपजा कदम है। बढ़ती अलोकप्रियता के कारण आसन्न लोकसभा चुनाव में साफ दिख रही मुश्किलों से निपटने हेतु इस तरह के प्रयास मोदी सरकार को पतन की ओर ही ले जायेंगे।”