मासूम की तलाश, मर्डर केस का खुलासा और दरोगा निलंबित। 6 बड़ी खबरें, एक क्लिक में पढ़ें….
देहरादून। उत्तराखंड में रविवार का दिन अपराध, पुलिस कार्रवाई, राहत अभियानों और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। हरिद्वार में तीन वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण से हड़कंप मच गया, वहीं 25 दिन पुराने चर्चित कौशल्या ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी ओर उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में लापता युवती की तलाश सातवें दिन भी जारी रही। रामनगर में ट्रांसपोर्ट नगर में खड़ी कार में लगी भीषण आग से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि साइबर ठगी पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने नया एमआरएम पोर्टल शुरू किया है।
वहीं देहरादून के पित्थूवाला पॉलिटेक्निक विवाद में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दरोगा को निलंबित कर दिया है।
हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र स्थित बैरागी कैंप से शनिवार को तीन वर्षीय मासूम राधिका संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में एक महिला और पुरुष बच्ची को गोद में लेकर ले जाते दिखाई दिए हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बच्ची को खाने-पीने की वस्तुओं का लालच देकर अपने साथ ले गए। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर कई टीमों को बच्ची की तलाश में लगाया है और आमजन से सहयोग की अपील की है।
इसी बीच हरिद्वार पुलिस ने 10 मई को चंडी देवी रोपवे मार्ग के पास मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझाते हुए चर्चित कौशल्या ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतका के प्रेमी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, उसके भाई राकेश और जीजा छेदीलाल को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि विवाह का दबाव बना रही कौशल्या की गला घोंटकर हत्या की गई थी। पहचान छिपाने के लिए शव को जंगल में फेंक दिया गया था।
पुलिस ने 600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने, 1,664 गुमशुदगी मामलों का मिलान करने और लाखों मोबाइल नंबरों की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
उत्तरकाशी में दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता बबीता पांडे की तलाश सातवें दिन भी जारी रही। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
पहली बार यूकाडा के हेलीकॉप्टर की मदद से पूरे क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया। हालांकि अब तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती की सकुशल बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उधर रामनगर के ट्रांसपोर्ट नगर में खड़ी एक इंडिका कार में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी कार जलकर खाक हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंच सकता था।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने साइबर धोखाधड़ी पीड़ितों के लिए एमआरएम (मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल) पोर्टल शुरू किया है।
इस पोर्टल के माध्यम से अब साइबर ठगी के मामलों में फ्रीज कराई गई धनराशि को वापस पाने के लिए पीड़ित स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे पीड़ितों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और रिफंड प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सरल बनेगी।
वहीं देहरादून के राजकीय पॉलिटेक्निक पित्थूवाला में परीक्षा के दौरान नकल के संदेह से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस विभाग तक पहुंच गया है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता एवं मारपीट के आरोपों के बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस दूरसंचार शाखा में तैनात उपनिरीक्षक महेश कंडवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामले में छात्र पक्ष और कॉलेज प्रशासन दोनों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए हैं तथा पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
राज्य के विभिन्न जिलों में सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा, साइबर सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
पुलिस और प्रशासन जहां अपराधियों तक पहुंचने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं, वहीं सरकार नागरिकों को तकनीकी माध्यमों से राहत पहुंचाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है।


