बड़ी खबर: सरकारी जमीन, अतिक्रमण और भूमि विवाद समेत जन समाधान दिवस में 137 से अधिक शिकायतें

सरकारी जमीन, अतिक्रमण और भूमि विवाद समेत जन समाधान दिवस में 137 से अधिक शिकायतें

देहरादून। जनपद में आयोजित जन समाधान दिवस में सोमवार को 137 से अधिक शिकायतें सामने आईं। इनमें सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, सरकारी भूमि पर कथित कब्जे और अतिक्रमण से जुड़े रहे।

अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों का स्थलीय एवं अभिलेखीय परीक्षण कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा और अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की संयुक्त अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

समाधान दिवस में भूमि विवाद और अतिक्रमण के अलावा आर्थिक सहायता, भरण-पोषण अधिनियम, आपसी विवाद और वित्तीय धोखाधड़ी समेत विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुईं।

यूपीआई से 99 हजार रुपये ट्रांसफर होने की शिकायत

विकासनगर निवासी सुनील पठानिया ने शिकायत की कि उनकी जानकारी के बिना यूपीआई के माध्यम से 99 हजार रुपये किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस क्षेत्राधिकारी विकासनगर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

लखवाड़ बांध प्रभावित परिवारों ने मांगा पुनर्स्थापना अनुदान

लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित ग्राम लूहन, लखस्यार, डांडा और खेड़ा के ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को पुनर्स्थापना अनुदान (कृषि मजदूरी) का लाभ दिलाने की मांग की।

ग्राम लूहन निवासी पंकज तोमर ने बताया कि परियोजना के लिए ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहित की गई है और पुनर्स्थापना अनुदान के लिए परिवार रजिस्टर की कट-ऑफ तिथि वर्ष 2023 निर्धारित है।

कुछ पात्र परिवार आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं।

अधिकारियों ने संबंधित विभागों को स्थलीय परीक्षण और अभिलेखीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध तरीके से इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए।

जॉलीग्रांट में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायत

डोईवाला के जॉलीग्रांट क्षेत्र के निवासियों ने ग्राम सभा की सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायत की।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि पूर्व में भूमिहीन, गरीब तथा एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों को आवास एवं कृषि कार्य के लिए आवंटित पट्टे की भूमि पर कुछ पट्टाधारकों की मृत्यु के बाद कथित रूप से कब्जे किए गए।

इसके अलावा ग्राम समाज, नदी-जोहड़, तालाब, जंगलात और कृषि भूमि पर भी कथित अवैध प्लॉटिंग का आरोप लगाया गया। वर्ष 1965 में ट्यूबवेल और सिंचाई नहर के लिए छोड़ी गई भूमि पर भी अतिक्रमण की शिकायत की गई। मामले में उप जिलाधिकारी डोईवाला को अभिलेखीय एवं स्थलीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूल के खेल मैदान के लिए सरकारी जमीन की मांग

राजीव बाल विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल, चकमनसा, ग्राम पंचायत भुड्डी की प्रबंधक आनंदी देवी ने विद्यालय के सामने स्थित सरकारी भूमि को खेल मैदान और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराने की मांग की।

विद्यालय की ओर से बताया गया कि यहां ग्रामीण और वंचित वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं। खेल मैदान की कमी के साथ विद्यालय के दोनों ओर मुख्य सड़क होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी समस्या रहती है।

विद्यालय ने खसरा संख्या 24 की 0.102 हेक्टेयर सरकारी भूमि को नियमानुसार आवंटित अथवा दीर्घकालिक लीज पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम विकासनगर को राजस्व अभिलेखों और भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

78 वर्षीय महिला ने बहू पर घर से निकालने का आरोप लगाया

डालनवाला की 78 वर्षीय माया देवी ने शिकायत की कि उनके पुत्र की दिसंबर 2024 में मृत्यु के बाद बहू ने उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया। महिला के मुताबिक मकान उनके पति के नाम है और वर्तमान में उनकी बेटियां उनकी देखभाल कर रही हैं।

उन्होंने मकान में दोबारा प्रवेश दिलाने और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

टर्नर रोड पर 450 फीट भूमि से कब्जा हटाने की मांग

टर्नर रोड के एकता विहार निवासियों ने हरिद्वार बाईपास के समीप सड़क के दाहिनी ओर स्थित करीब 450 फीट लंबी भूमि पट्टी से कथित अवैध कब्जा हटाने की मांग की।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार यह भूमि पहले ग्राम समाज के अधीन थी और नगर निगम गठन के बाद नगर निगम के अधीन है। वर्ष 2017 में कथित अवैध निर्माण की शिकायत के बाद नगर निगम और एमडीडीए की ओर से निर्माण ध्वस्त किया गया था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्तमान में भूमि पर कूड़ा डाले जाने से स्वच्छता की समस्या पैदा हो रही है। साथ ही मार्ग पर यातायात दबाव अधिक होने के कारण जाम की स्थिति भी बनती है। उन्होंने भूमि को अधिकृत कब्जे में लेकर सी-15 मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की।

अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।