राजनीति: ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर कांग्रेस का सत्याग्रह, 7 सितंबर को सीएम आवास घेराव का ऐलान

‘शुद्धिकरण’ विवाद पर कांग्रेस का सत्याग्रह, 7 सितंबर को सीएम आवास घेराव का ऐलान

देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर कांग्रेस का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया।

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच और घेराव का आह्वान किया है। बुद्ध पार्क में आयोजित सत्याग्रह में राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार भी शामिल हुए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर महात्मा गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। इस दौरान राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने और दलित उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाई गई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की।

सत्याग्रह के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा। कांग्रेस ने कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि मामले में पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा है।

इसी मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना सरकार और संबंधित धार्मिक संगठन के बीच कथित गठजोड़ की ओर इशारा करता है।

उन्होंने कहा कि मामले की चर्चा राज्यसभा तक हो चुकी है और वहां भी घटना पर चिंता जताई गई है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कथित शुद्धिकरण किया, उनसे भी अधिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं होने से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस ने इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।

पार्टी का कहना है कि जब तक कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।

गौरतलब है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की विशाल रैली आयोजित हुई थी। इसके बाद कथित तौर पर मैदान के मंच के ‘शुद्धिकरण’ का मामला सामने आया, जिसे लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा और राज्य सरकार को घेर रही है।

अब 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच के ऐलान के बाद यह विवाद और राजनीतिक रूप लेता दिखाई दे रहा है।