राजनीति: कांग्रेस ने तीन नेताओं को थमाया कारण बताओ नोटिस। महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी भंग

कांग्रेस ने तीन नेताओं को थमाया कारण बताओ नोटिस। महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी भंग

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने पिथौरागढ़ में आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन‘ के दौरान सामने आई अनुशासनहीनता पर बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में हुए विवाद के बाद पार्टी ने तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि पार्टी पूरे प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ आयोजित कर रही है।

इसी क्रम में पिथौरागढ़ में आयोजित सम्मेलन के दौरान पार्टी नेता महेंद्र सिंह लुंठी, दीपक और महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष भावना नगरकोटी पर मंच से अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा। मामले को गंभीर मानते हुए तीनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यदि किसी नेता को अपनी बात रखनी थी तो उसके लिए पार्टी का उचित मंच उपलब्ध था।

प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस तरह का व्यवहार संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि मामले को अनुशासन समिति के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

क्या था पूरा विवाद?

पिथौरागढ़ में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने अपने संबोधन में नगर निकाय चुनाव और पार्टी विरोधी गतिविधियों का जिक्र करते हुए परोक्ष रूप से पिथौरागढ़ के कांग्रेस विधायक मयूख महर पर निशाना साधा। इससे नाराज होकर विधायक मयूख महर मंच छोड़कर अपने समर्थकों के साथ सभागार से बाहर चले गए।

विधायक के बाहर निकलते ही उनके समर्थक भी कार्यक्रम से बाहर जाने लगे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘मयूख महर मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक विवाद बढ़ चुका था।

महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी भंग

घटना के बाद महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आदेश जारी कर पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस की पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।

जारी पत्र में कहा गया कि पार्टी मंच पर हुई गंभीर अनुशासनहीनता को देखते हुए संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।

पुराने विवाद से जुड़ा है मामला

बताया जा रहा है कि इस विवाद की जड़ पिछले वर्ष हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव में है। उस चुनाव में विधायक मयूख महर अपनी समर्थक मोनिका महर को कांग्रेस का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने अंजू लुंठी को उम्मीदवार बनाया।

इसके बाद मोनिका महर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं और विधायक ने उनका समर्थन किया। इससे कांग्रेस दो गुटों में बंट गई और भाजपा उम्मीदवार कल्पना देवलाल महज 17 वोटों से चुनाव जीत गईं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उसी गुटबाजी की झलक अब परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के मंच पर भी देखने को मिली। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर बढ़ती अंतर्कलह विपक्ष को पार्टी पर निशाना साधने का नया अवसर दे सकती है।