बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट। बागेश्वर में स्कूल बंद, अलकनंदा उफान पर

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट। बागेश्वर में स्कूल बंद, अलकनंदा उफान पर

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने 1 और 2 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

खराब मौसम को देखते हुए बागेश्वर जिले में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, बदरीनाथ धाम क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते अलकनंदा नदी उफान पर है, जिससे नदी किनारे के सभी घाट जलमग्न हो गए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, 1 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

2 जुलाई को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।

बागेश्वर में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर बागेश्वर जिला प्रशासन ने 1 जुलाई को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

राहत एवं बचाव दल हाई अलर्ट पर

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी, राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही सड़क बंद होने पर उन्हें शीघ्र खोलने, ट्रेकिंग गतिविधियों पर निगरानी रखने और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को सक्रिय रहने को कहा गया है।

अलकनंदा नदी उफान पर, घाट जलमग्न

रुद्रप्रयाग और बदरीनाथ धाम क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का तेज बहाव सामान्य सीमा से 20 से 25 मीटर तक फैल गया है, जिससे नदी किनारे स्थित सभी घाट जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घाटों पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है।

पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधन पूरी तरह तैयार रखे गए हैं।