SIR अभियान में लापरवाही पर भड़के डीएम आशीष चौहान, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के प्रयास तेज हो गए हैं।
इसी क्रम में देहरादून में आयोजित एक जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी आशीष चौहान अधूरी तैयारियां देखकर नाराज हो गए और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
आईटी पार्क क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य एसआईआर अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम के तहत जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना था, जो जिलेभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण संबंधी जानकारी आम जनता तक पहुंचाने का कार्य करता।
निर्धारित समय पर जिलाधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लेकिन वहां व्यवस्थाओं और तैयारियों में कई कमियां देखने को मिलीं।
अधूरी तैयारियों को देखकर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और जनहित अभियानों को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं लिया जा सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी कार्यक्रम का आयोजन पूरी तैयारी और प्रभावी जनसहभागिता के साथ किया जाए।
डीएम आशीष चौहान ने कहा कि एसआईआर जैसा महत्वपूर्ण अभियान लोकतंत्र को मजबूत करने से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसके प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को गंभीरता से लेते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि पात्र नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
हाल ही में जिले की कमान संभालने वाले डीएम आशीष चौहान लगातार प्रशासनिक कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सड़क, सफाई, जनसमस्याओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी वे अधिकारियों को समय-समय पर जवाबदेह बना रहे हैं।
एसआईआर कार्यक्रम में जताई गई उनकी नाराजगी को प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


