बिग ब्रेकिंग: स्वास्थ्य विभाग में बड़ा यू-टर्न! 72 घंटे में बदले तीन जिलों के CMO, आदेश जारी

स्वास्थ्य विभाग में बड़ा यू-टर्न! 72 घंटे में बदले तीन जिलों के CMO, आदेश जारी

देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) की नियुक्तियों को लेकर उठे विवाद के बाद विभाग को महज 72 घंटे के भीतर अपने आदेशों में संशोधन करना पड़ा।

वरिष्ठता को लेकर उठे सवालों और विभागीय असंतोष के बीच शासन ने रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा समेत कई जिलों में सीएमओ तैनाती के आदेश बदल दिए हैं।

जानकारी के अनुसार हाल ही में जारी सीएमओ नियुक्ति सूची पर वरिष्ठता की अनदेखी के आरोप लगे थे। विभाग के भीतर बढ़ते विरोध और चिकित्सक वर्ग की नाराजगी के बाद शासन ने मामले की समीक्षा करते हुए संशोधित आदेश जारी किए।

नए आदेश के तहत रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पद की जिम्मेदारी अब डॉ. राजीव पाल को सौंपी गई है। इससे पहले इस पद के लिए डॉ. अमित शुक्ला का नाम तय किया गया था, लेकिन वरिष्ठता संबंधी आपत्तियों के चलते निर्णय में बदलाव किया गया।

इसी तरह पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में भी अधिकारियों की तैनाती बदल दी गई है। संशोधित आदेशों के अनुसार डॉ. योगेंद्र पुरोहित को पिथौरागढ़ और डॉ. हरीश पाल को अल्मोड़ा का मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाया गया है।

जबकि पहले जारी आदेश में दोनों अधिकारियों की तैनाती इसके विपरीत की गई थी। वहीं पिथौरागढ़ में डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

लगातार बदल रहे आदेशों ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि नियुक्तियों से पहले वरिष्ठता, अनुभव और प्रशासनिक आवश्यकताओं का समुचित मूल्यांकन किया जाता तो इतनी जल्द संशोधन की जरूरत नहीं पड़ती।

बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद ही तैनाती आदेशों की समीक्षा कर संशोधित सूची जारी की गई।

स्वास्थ्य विभाग में हुए इस ताजा फेरबदल को लेकर प्रशासनिक और चिकित्सा हलकों में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभागीय नियुक्तियों और तबादलों में वरिष्ठता और पारदर्शिता को लेकर और अधिक सतर्कता बरती जाएगी।