विशेष रिपोर्ट: उत्तराखंड में हादसों और अव्यवस्थाओं का डबल झटका। 48 घंटे में 16 मौतें, चारधाम रजिस्ट्रेशन सेंटर में मंत्री को मिलीं बड़ी खामियां

उत्तराखंड में हादसों और अव्यवस्थाओं का डबल झटका। 48 घंटे में 16 मौतें, चारधाम रजिस्ट्रेशन सेंटर में मंत्री को मिलीं बड़ी खामियां

देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर सड़क हादसों, खराब मौसम और धार्मिक यात्राओं के दौरान हुई घटनाओं में बीते 48 घंटे के भीतर 16 लोगों की मौत से प्रदेश स्तब्ध है, वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान रजिस्ट्रेशन सेंटर में सामने आई अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

चमोली जिले के ल्वाणी गांव में शनिवार सुबह एक एंबुलेंस के गहरी खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी बीच चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन सेंटर में श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद दर्जाधारी राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में कई कमियां पाईं और जांच के निर्देश दिए।

चमोली जिले के देवाल विकासखंड में हुआ हादसा बेहद दर्दनाक था। देहरादून से अपने परिजन के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए गांव लेकर लौट रहे परिवार की एंबुलेंस ल्वाणी गांव के पास करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई।

हादसे में बलबीर सिंह, शांति देवी और आंशु बिष्ट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई गई है।

घायलों का उपचार देवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है और दो घायलों को एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजने की तैयारी की जा रही है।

प्रदेश में लगातार सामने आ रहे हादसों ने चिंता और बढ़ा दी है। उत्तरकाशी के गंगोत्री हाईवे पर कार के खाई में गिरने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि अल्मोड़ा में ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटना में दो युवकों ने जान गंवा दी।

टिहरी में डंपर दुर्घटना में चालक और एक महिला की मौत हुई, वहीं उधम सिंह नगर में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से एक डॉक्टर की जान चली गई। तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में खराब मौसम और आंधी-तूफान के कारण लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई।

यमुनोत्री और आदि कैलाश यात्रा के दौरान भी दो श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इसके अलावा पौड़ी जिले में वनाग्नि में झुलसे एक सरकारी कर्मचारी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इन घटनाओं को मिलाकर बीते दो दिनों में 16 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

लगातार हो रही मौतों और चारधाम यात्रा के बढ़ते दबाव के बीच हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में संचालित रजिस्ट्रेशन सेंटर की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं। श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद दर्जाधारी राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पेयजल, सफाई, लाइट और पंखों की व्यवस्था में कई कमियां सामने आईं। मंत्री ने पाया कि गर्मी के बावजूद कई पंखे बंद पड़े हैं और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने रजिस्ट्रेशन सेंटर पहुंचे यात्रियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण में मिली खामियों को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में एक तरफ सड़क हादसों और मौसम जनित घटनाओं में लगातार लोगों की जान जा रही है, तो दूसरी तरफ चारधाम यात्रा जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा के दौरान बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवाल प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं।

ऐसे में सरकार और प्रशासन पर यात्रियों की सुरक्षा, यात्रा प्रबंधन और आपदा से बचाव की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।