राजनीति: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी का बड़ा दावा- ‘अपनों’ को नौकरी देने के लिए नियमों की अनदेखी

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी का बड़ा दावा- ‘अपनों’ को नौकरी देने के लिए नियमों की अनदेखी

देहरादून। उत्तराखंड के होम्योपैथी चिकित्सा विभाग और होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

सोमवार को देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Shiv Prasad Semwal और प्रदेश अध्यक्ष Sulochana Ishtwal ने भर्ती प्रक्रिया से लेकर वित्तीय प्रबंधन तक कई मामलों में घोटाले होने का दावा किया।

भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों के 24 पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं। उनका दावा है कि हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जाति वर्ग की एक महिला अभ्यर्थी को उत्तराखंड के आरक्षित कोटे से नियुक्ति दे दी गई।

इसके अलावा पार्टी ने आरोप लगाया कि भर्ती विज्ञप्ति में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए कोई पद घोषित नहीं किया गया था, लेकिन अंतिम चयन सूची में ओबीसी कोटे से नियुक्तियां कर दी गईं।

इंटरव्यू प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए। पार्टी का आरोप है कि भर्ती में 60 अंकों का इंटरव्यू रखकर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया और इंटरव्यू की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई।

नेताओं ने दावा किया कि नियमानुसार चयन समिति में उच्च शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय विधानसभा में तैनात एक मेडिकल अधिकारी को इंटरव्यू बोर्ड में शामिल कर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

भाई-भतीजावाद के भी आरोप

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आरोप लगाया कि चयनित अभ्यर्थियों में कई लोग विधायकों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के करीबी रिश्तेदार हैं। पार्टी ने इसे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताते हुए पूरे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की।

रजिस्ट्रार डॉ. शैलेंद्र पांडे पर गंभीर आरोप

पार्टी ने होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार Dr. Shailendra Pandey की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। आरोप लगाया गया कि वे पिछले 12 वर्षों से रजिस्ट्रार पद पर “अटैच” हैं, जबकि इस पद के लिए अब तक स्पष्ट नियमावली तक नहीं बनाई गई है।

इसके साथ ही उन पर बिना चिकित्सकीय सेवाएं दिए कई वर्षों से नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) लेने का आरोप भी लगाया गया, जिसे पार्टी ने वित्तीय नियमों का उल्लंघन बताया।

छात्रों के पंजीकरण में देरी का भी मुद्दा उठा

प्रेस वार्ता में चंदोला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के छात्रों के पंजीकरण में कथित देरी और भेदभाव का मुद्दा भी उठाया गया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

शासन ने जांच अधिकारी किया नियुक्त

पार्टी नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वित्तीय अनियमितताएं साबित होती हैं तो अवैध रूप से लिए गए भत्तों की वसूली की जानी चाहिए।

इस बीच शासन ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अपर सचिव कार्मिक नवनीत पांडे को जांच अधिकारी नियुक्त किया है और 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष नवीन पंत, सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।