धामी कैबिनेट के बड़े फैसले। मदरसों की आर्थिक सहायता खत्म, रिवर राफ्टिंग नियमावली को मंजूरी
- पिथौरागढ़ में बनेगा ‘नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान’, बिंदुखत्ता समेत तीन क्षेत्रों को राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया शुरू
देहरादून। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग कर कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
पिथौरागढ़ में ‘नन्ही परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान’ की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई।
उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग नियमावली-2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य में रिवर राफ्टिंग गतिविधियों के संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू होगी।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग में अक्षय पात्र किचन का विस्तार किया गया है। अब देहरादून और हल्द्वानी के बाद श्रीनगर में भी विद्यार्थियों को पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
- कार्य भंडारण (वर्क चार्ज) कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- कौशल विकास विभाग और सेवायोजन विभाग का एकीकरण करने का निर्णय लिया गया है, जिससे रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का बेहतर समन्वय हो सके।
- बग्गा-54, बापूग्राम और बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू होगी।
- इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
- मदरसों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता समाप्त करने के निर्णय पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। सरकार ने स्पष्ट किया कि मान्यता समाप्त होने के बाद आर्थिक सहायता का प्रावधान भी समाप्त किया जा रहा है।
- राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के संचालन के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा।
कैबिनेट के इन फैसलों का असर शिक्षा, पर्यटन, कर्मचारी हित, कौशल विकास और प्रशासनिक व्यवस्था सहित कई क्षेत्रों पर पड़ेगा।

