कांवली गांव में कथित धर्मांतरण का मामला, दो महिलाओं पर मुकदमा दर्ज
देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र स्थित कांवली गांव में कथित धर्मांतरण और प्रलोभन देने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात को दो महिलाओं पर आरोप लगा कि वे क्षेत्र में घर-घर जाकर हिंदू महिलाओं को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रही थीं और उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दे रही थीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर वीर सावरकर संगठन से जुड़े कुछ लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली।
बताया जा रहा है कि संगठन के सदस्यों ने मामले की सूचना पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान दोनों महिलाएं वहां से जाने लगीं, लेकिन संगठन के लोगों ने उनका पीछा किया और वीडियो भी बनाया। बाद में पुलिस की सहायता से दोनों महिलाओं को पकड़कर थाने लाया गया।
वीर सावरकर संगठन के अध्यक्ष कुलदीप स्वादिया ने इस संबंध में बसंत विहार थाने में तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों महिलाएं इंदिरा नगर क्षेत्र में भी हिंदू महिलाओं को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन दे रही थीं और नए धर्म में शामिल होने पर मिलने वाले फायदों के बारे में जानकारी दे रही थीं।
थाना बसंत विहार प्रभारी शैंकी कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों महिलाओं के खिलाफ उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 62 भी लगाई गई हैं।
पुलिस ने मामले की जांच उप निरीक्षक विनय प्रसाद भट्ट को सौंपी है। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

