रुद्रप्रयाग सीट आरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से 3 दिन में जवाब-तलब
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट को राज्य गठन के बाद से अब तक आरक्षित न किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को तीन दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र मैथाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन दिन बाद निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता रुद्रप्रयाग निवासी सामाजिक कार्यकर्ता और सेवानिवृत्त सैनिक विजय लाल ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड राज्य बने करीब 26 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट अब तक सामान्य श्रेणी में ही रखी गई है। जबकि क्षेत्र में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की आबादी पर्याप्त संख्या में है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीट को आरक्षित करने के लिए राज्य चुनाव आयोग और सरकार को कई बार प्रत्यावेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
आयोग द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को इस पर निर्णय लेने को कहा गया था, लेकिन स्तर पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
याचिकाकर्ता ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीट को आरक्षित घोषित करने की मांग करते हुए इसे सामाजिक न्याय का मामला बताया है। हाईकोर्ट ने अब इस पर त्वरित जवाब तलब कर मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

