जसपुर में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर बवाल, विधायक और पूर्व विधायक के समर्थक आमने-सामने
- अनुमति और स्थान को लेकर विवाद, विधायक के बयान से बढ़ा तनाव
ऊधमसिंह नगर। जसपुर कस्बे में Rani Lakshmibai की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक Adesh Chauhan और भाजपा नेता व पूर्व विधायक Shailendra Mohan Singhal के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
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ठाकुर मंदिर के सामने हुआ हंगामा
घटना ठाकुर मंदिर के सामने की है, जहां विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और प्रतिमा स्थापना के लिए टाइल्स हटाने का काम शुरू कराया। इसकी सूचना मिलते ही शैलेंद्र मोहन सिंघल भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध जताया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अनुमति और प्रक्रिया को लेकर टकराव
विधायक आदेश चौहान का कहना है कि प्रतिमा स्थापना की मांग लंबे समय से महिलाओं और ब्राह्मण समाज द्वारा की जा रही थी। उनके अनुसार, प्रस्तावित स्थान से अतिक्रमण पहले ही हटाया जा चुका है और जिला प्रशासन से अनुमति भी ली गई है।
वहीं, पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल ने आरोप लगाया कि बिना पूरी प्रक्रिया अपनाए जबरन खुदाई कराई जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अनुमति पत्र मांगने पर विधायक की ओर से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
बयान बना विवाद की वजह
विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक आदेश चौहान का कथित बयान सामने आया—“मैं ही न्यायालय हूं, डंडे मारकर भगा दूंगा।” इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
अन्य मांगों ने बढ़ाई जटिलता
पूर्व विधायक सिंघल ने यह भी कहा कि उसी स्थान पर Maharaja Agrasen की प्रतिमा लगाने की मांग भी की जा रही है। इस संबंध में प्रशासन को आवेदन दिया गया है, जिस पर अभी अंतिम निर्णय लंबित है।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति
विवाद बढ़ने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और फिलहाल प्रतिमा स्थापना का कार्य रुकवा दिया है।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। यह विवाद न केवल स्थानीय राजनीति बल्कि सामाजिक संतुलन के लिहाज से भी संवेदनशील माना जा रहा है।



