बजट सत्र का चौथा दिन: जनहित के मुद्दे पर घिरी सरकार, सदन में हंगामा
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा और तीखी बहस देखने को मिली। गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी से लेकर जनसंख्या नियंत्रण कानून, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट तक कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
गैस सिलेंडर संकट पर चर्चा
सत्र के दौरान विपक्ष ने नियम 58 के तहत प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया। विपक्ष का कहना था कि कई क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और जमाखोरी की शिकायतें भी मिल रही हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार और प्रशासन को जमाखोरी व ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में गैस की कमी न हो, इसके लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।
जनसंख्या नियंत्रण कानून पर छिड़ी बहस
बजट सत्र में बीजेपी विधायक शिव अरोड़ा ने नियम 300 के तहत राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में बदलते जनसंख्या संतुलन को देखते हुए सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस पर कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है और जनसंख्या के मुद्दे को सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
स्वास्थ्य, शिक्षा और खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के विभाग से जुड़े कई मुद्दे भी सदन में उठे। गोल्डन कार्ड योजना में करीब 37 हजार कर्मचारियों के लगभग 168 करोड़ रुपये की पेंडेंसी का मामला सामने आया।
देहरादून के हर्रावला में लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कैंसर अस्पताल का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी भी दी गई। साथ ही अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में खाली पड़े एलटी और प्रवक्ता पदों पर जल्द नियुक्ति करने का आश्वासन दिया गया।
खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 3311 खाद्य सैंपल लिए गए, जिनमें से 330 सैंपल फेल पाए गए और इन मामलों में न्यायालय में कार्रवाई चल रही है।
भराड़ीसैंण में स्थानीय उत्पादों की रौनक
बजट सत्र के दौरान भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां पहाड़ी थाली, मंडुवे के उत्पाद, अचार, दालें और पारंपरिक मसाले बिक रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि सत्र के दौरान अच्छी बिक्री हो जाती है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होती है।
सदन की कार्यवाही स्थगित
दिनभर की चर्चा और बहस के बाद विधानसभा की कार्यवाही 13 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। अगले दिन भी बजट पर सामान्य चर्चा और अन्य मुद्दों पर बहस जारी रहने की संभावना है।



