हाईकोर्ट के निर्देश पर पिटकुल के एमडी पद से पीसी ध्यानी मुक्त
देहरादून। उत्तराखंड में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पीसी ध्यानी को इस जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।
वे पिछले करीब तीन वर्षों से अतिरिक्त कार्यभार के रूप में यह पद देख रहे थे। हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शासन ने आदेश जारी कर उन्हें प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से कार्यमुक्त कर दिया।
दरअसल पिटकुल के प्रबंध निदेशक पद पर गैर-इंजीनियर अधिकारी की नियुक्ति को लेकर मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक का पद इंजीनियर संवर्ग के अधिकारी के लिए निर्धारित है। ऐसे में गैर-इंजीनियर अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपना नियमों के विपरीत है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि नियुक्तियां नियमानुसार ही की जानी चाहिए। अदालत ने पीसी ध्यानी को अतिरिक्त प्रभार से हटाने के निर्देश दिए। हालांकि न्यायालय के आदेश के बाद भी शासन की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते अवमानना याचिका दायर की गई।
अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को नोटिस जारी किया। अदालत की सख्ती के कुछ ही घंटों के भीतर शासन ने आदेश जारी कर पीसी ध्यानी को पिटकुल के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया।
शासनादेश के अनुसार 10 सितंबर 2022 को पीसी ध्यानी, जो उस समय पिटकुल में निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर तैनात थे, को प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था।
तब से वे दोनों जिम्मेदारियां निभा रहे थे। नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त पद से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाता है।
वहीं शासन ने फिलहाल विभाग के अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को पिटकुल के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह व्यवस्था अस्थायी होगी और नियमित नियुक्ति या शासन के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर न्यायालय ने नियमों के अनुपालन पर जोर दिया है।
वहीं दूसरी ओर सरकार ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक पद के लिए इंजीनियर संवर्ग की अनिवार्यता वाले नियम में संशोधन की तैयारी में भी बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि भविष्य में गैर-इंजीनियर अधिकारियों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
फिलहाल पिटकुल में शीर्ष पद को लेकर स्थिति अंतरिम है और स्थायी नियुक्ति पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।



