मिलेट गैस्ट्रोनॉमी में लीडरशिप के लिए DBUU प्रोफेसर को मिला ग्लोबल अवॉर्ड
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी (DBUU) के स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म के प्रोफेसर डॉ. चंद्रमौली धौंडियाल को मिलेट-आधारित सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स में उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है।
उन्हें मुंबई के Holiday Inn Mumbai Andheri में आयोजित Global Culinary and Hospitality Excellency Awards 2026 में “Strategic Leadership in Millet-Based Food Systems” अवॉर्ड से नवाजा गया।
इस प्रतिष्ठित समारोह में IHG Group और International Culinary Alliance प्रमुख सहयोगी रहे। कार्यक्रम में देश-विदेश के हॉस्पिटैलिटी और कुलिनरी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
मिलेट और सस्टेनेबिलिटी को नई पहचान
डॉ. धौंडियाल को यह सम्मान मिलेट और इंडिजिनस ग्रेन्स को बढ़ावा देने, सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स को मजबूत बनाने तथा कुलिनरी इनोवेशन के माध्यम से कृषि,
हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म एजुकेशन को एकीकृत करने में उनके रणनीतिक नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि मिलेट केवल पारंपरिक अनाज नहीं, बल्कि भविष्य की फूड सिक्योरिटी और क्लाइमेट-रेजिलिएंट न्यूट्रिशन का मजबूत आधार हैं।
उनका प्रयास छात्रों को रिसर्च-आधारित और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड शिक्षा के माध्यम से सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी की दिशा में प्रेरित करना है।
रिसर्च और इंडस्ट्री का सेतु
डॉ. धौंडियाल का कार्य अकादमिक रिसर्च, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग और इंडस्ट्री इंटीग्रेशन पर आधारित है।
उनके नेतृत्व में मिलेट-बेस्ड गैस्ट्रोनॉमी को नई पहचान मिली है, जिससे फूड सिक्योरिटी, सस्टेनेबल टूरिज्म और क्लाइमेट-अनुकूल कुकिंग मॉडल्स को बढ़ावा मिल रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान की शोध-आधारित और उद्योग से जुड़ी शिक्षा पद्धति की सफलता बताया है। DBUU निरंतर अपने छात्रों और फैकल्टी को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए नवाचारपूर्ण पहल कर रहा है।
यह सम्मान न केवल डॉ. धौंडियाल की प्रोफेशनल उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड के शैक्षणिक संस्थानों की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति को भी रेखांकित करता है।



