बिग ब्रेकिंग: दून में हीट वेव अलर्ट। प्रशासन 24 घंटे सतर्क, जारी की एडवाइजरी

दून में हीट वेव अलर्ट। प्रशासन 24 घंटे सतर्क, जारी की एडवाइजरी

देहरादून में लगातार बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, नगर निकाय, शिक्षा, श्रम और आपदा प्रबंधन समेत सभी संबंधित विभागों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच सकता है।

देहरादून शहर, जौलीग्रांट और डोईवाला क्षेत्रों में भी अत्यधिक गर्मी पड़ने के आसार जताए गए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव संबंधी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ORS, IV Fluids और अन्य चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है।

हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

नगर निकायों को बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल, छायादार स्थल और वाटर टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अस्थायी शेड और विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी की जाएगी।

विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने तथा जल संस्थान एवं पेयजल विभाग को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संकट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

निर्माण स्थलों, औद्योगिक इकाइयों और खुले कार्यस्थलों पर काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य अवधि को सुबह और शाम तक सीमित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। श्रमिकों के लिए छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।

शिक्षा विभाग को मौसम की स्थिति के अनुसार विद्यालय संचालन समय में बदलाव अथवा अवकाश पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिकों को बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर रोगियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा लोगों को लू से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, समाचार पत्र, मोबाइल संदेश और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एडवाइजरी जारी की जाएगी।

पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए पेयजल और छायादार स्थान सुनिश्चित करने तथा नगर निकायों को सफाई कर्मियों, पुलिसकर्मियों, होमगार्ड और फील्ड स्टाफ के लिए सुरक्षा उपाय और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी विभागों को सतत निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।