वीडियो: गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के शूटरों की पहचान, वीडियो वायरल

गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के शूटरों की पहचान, वीडियो वायरल

रिपोर्ट- राजकुमार धीमान
देहरादून में कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच में शामिल शूटरों की पहचान कर ली गई है और उनके ठिकानों को लेकर भी अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी और हमलावर कई दिनों से इलाके की रेकी कर रहे थे।

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झारखंड से फ्लाइट, हरिद्वार से किराए के वाहन

जांच में सामने आया है कि दोनों शूटर झारखंड से फ्लाइट के जरिए देहरादून पहुंचे। इसके बाद उन्होंने Haridwar से बाइक और स्कूटी किराए पर ली। गुरुवार को बाइक और शुक्रवार तड़के करीब चार बजे स्कूटी किराए पर ली गई।

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स्कूटी ‘आकाश’ नाम से झारखंड का पता दर्ज कर लेकर ली गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों वाहनों के लिए एक ही आधार कार्ड जमा कराया गया। वाहन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक दुकान से एक दिन के लिए किराए पर लिए गए थे।

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शुक्रवार को Dehradun पुलिस की टीम हरिद्वार पहुंची और वाहन किराए पर देने वालों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।

जमशेदपुर के वागबेड़ा के निवासी

पुलिस के मुताबिक दोनों शूटर जमशेदपुर के वागबेड़ा इलाके के रहने वाले हैं। इनके नाम आकाश और आशुतोष बताए जा रहे हैं। दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी के लिए फायरिंग और अन्य गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

सिल्वर सिटी मॉल के पास दिनदहाड़े फायरिंग

घटना शुक्रवार सुबह की है। Silver City Mall के पास जिम से बाहर निकलते समय बदमाशों ने विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल होने के बावजूद हमलावरों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया और मौके से फरार हो गए।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी पहले से इलाके की रेकी कर रहे थे और सही समय का इंतजार कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज और होटल एंट्री रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस की टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं।

कानून व्यवस्था पर सवाल

यह हत्याकांड एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। राजधानी देहरादून के व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

हालांकि पुलिस का दावा है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है और अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।