उत्तराखंड में धामी सरकार की उपलब्धियाँ। आपदा प्रबंधन, शिक्षा और निवेश पर फोकस
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल में 09 सितंबर 2025 तक कई बड़े फैसले लिए और अहम घोषणाएँ की हैं। इन फैसलों से राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और आपदा प्रबंधन नीतियों की दिशा साफ झलकती है।
सामाजिक कल्याण की दिशा में सीएम धामी ने दिव्यांग विवाह अनुदान राशि को 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। इसके अलावा दाखिले में आय सीमा खत्म करने, वृद्धाश्रम बनाने और छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने जैसी पहलें भी शुरू की गईं।
आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री सक्रिय दिखे। उत्तरकाशी की प्राकृतिक आपदा और हेलिकॉप्टर हादसे के बाद नई SOP तैयार करने के निर्देश दिए गए। राज्य में 13 हाई-रेंज डिजास्टर सायरन लगाए गए, जबकि बाढ़ प्रभावित लक्सर क्षेत्र का दौरा कर उन्होंने राहत शिविरों की व्यवस्थाएँ दुरुस्त करने को कहा।
वायु संपर्क बढ़ाने के लिए चिन्यालिसौड़ और गौचर एयरस्ट्रिप भारतीय वायुसेना को सौंपे गए हैं। पिथौरागढ़ एयरपोर्ट विस्तार के लिए 450 करोड़ की मंजूरी दी गई और गुंजी में नई एयरस्ट्रिप की योजना बनाई गई।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में लोक साहित्य, बोलियों और गीतों का डिजिटलीकरण करने का काम शुरू किया गया है। स्कूलों में वर्चुअल और स्मार्ट क्लास, व्यावसायिक पाठ्यक्रम और टैबलेट वितरण जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। शिक्षकों को “शैलेष मटियानी राज्य शैक्षणिक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
कानूनी सुधारों में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा कानून लागू किया गया, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
औद्योगिक और निवेश के मोर्चे पर धामी कैबिनेट ने “मेगा इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2025” को मंजूरी दी है, जिससे राज्य में बड़े उद्योग और रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।
पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना केवल स्थायी निवासियों तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया है और गैर-निवासियों के लिए बेड एंड ब्रेकफास्ट श्रेणी की व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए पर्यटकों से अपील की कि वे अपनी यात्रा व्यय का 5% उत्तराखंडी वस्तुओं पर खर्च करें। हरिद्वार में आयोजित “नदी उत्सव” और “तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा” जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने सांस्कृतिक और देशभक्ति का संदेश दिया। वहीं, ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में राज्य ने जियो-थर्मल ऊर्जा नीति को मंजूरी दी है।
कुल मिलाकर, सीएम धामी का कार्यकाल 09 सितंबर 2025 तक सामाजिक कल्याण, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, औद्योगिक विकास, कानूनी सुधार और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे कई मोर्चों पर बड़े फैसलों और ऐतिहासिक पहलों से भरा हुआ रहा है।

