विपक्ष के हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही 11 अगस्त तक स्थगित, S.I.R मुद्दे पर टकराव जारी
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को एक बार फिर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर विपक्ष ने तीव्र विरोध जताया, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार, 11 अगस्त तक स्थगित कर दी गई।
दिन की शुरुआत लोकसभा और राज्यसभा में भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ के मौके पर महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देकर हुई। लोकसभा में हाल ही में दिवंगत जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को भी श्रद्धांजलि दी गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में प्रवर समिति की रिपोर्ट के आधार पर आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे सभा ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरें रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सरकारी ही नहीं, बल्कि गैर-सरकारी कामकाज को भी बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार का दिन आमतौर पर सदस्यों के निजी विधेयकों और मुद्दों के लिए तय होता है, लेकिन विपक्ष हंगामे पर आमादा है।
राज्यसभा में भी विपक्ष ने बिहार एसआईआर मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते दो बार की स्थगन प्रक्रिया के बाद दोपहर 12:03 बजे पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
उपसभापति हरिवंश ने बताया कि अब तक इस सत्र में 56 घंटे 49 मिनट का समय हंगामे में बर्बाद हो चुका है। उन्होंने नियम 267 के तहत प्राप्त 20 नोटिसों को प्रक्रियानुसार खारिज कर दिया।
राज्यसभा में एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से इसकी शुरुआत से अब तक 34.13 करोड़ रुपये की आय हुई है। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के मौजूदा संसाधनों से बिना किसी अतिरिक्त खर्च के प्रसारित किया जा रहा है।
इसके अलावा विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा को बताया कि तिब्बत में ब्रह्मपुत्र (यारलुंग त्सांगपो) पर चीन द्वारा विशाल बांध परियोजना के निर्माण की खबरें नई नहीं हैं। इस परियोजना की पहली जानकारी 1986 में सामने आई थी और तब से इसकी तैयारियां चीन में चल रही हैं।

