ED की पूछताछ, SIR पर सवाल और हरिद्वार की सियासत, उत्तराखंड में चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 95 हजार मतदाताओं के ‘इन-एलिजिबल’ मार्क होने का मामला, हरिद्वार से चुनाव लड़ने की रावत की इच्छा और भाजपा की संगठनात्मक बैठकों ने प्रदेश के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को देहरादून स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में ईडी ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।
इससे पहले ईडी ने रावत सरकार में तत्कालीन ओएसडी और बाद में निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना के परिसरों पर छापेमारी की थी।
ईडी कार्यालय पहुंचने से पहले हरीश रावत ने कहा कि उनसे पुराने आयकर रिटर्न, परिवार से संबंधित जानकारी और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। इस दौरान वह अपनी मां की तस्वीर गले में डाले हुए ईडी कार्यालय पहुंचे। उनके समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय के बाहर मौजूद रहे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रावत के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि जिस समय भर्ती मामले की जानकारी तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के संज्ञान में आई थी, उस समय उन्होंने कार्रवाई की थी। गोदियाल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर राजनीतिक आरोप भी लगाए।
SIR में 95 हजार मतदाता ‘इन-एलिजिबल’, कांग्रेस ने उठाए सवाल
दूसरी ओर उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार करीब 1.73 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें करीब 95 हजार मतदाताओं को ‘इन-एलिजिबल’ मार्क किया गया है।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अनुसार ऐसे मतदाताओं में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए या सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए।
ऐसे मामलों में संबंधित डीईओ/ईआरओ की ओर से सिस्टम में मतदाता को ‘इन-एलिजिबल’ मार्क किए जाने के बाद फॉर्म-7 ऑटो जनरेट होता है।
अधिकारियों के मुताबिक 28 सितंबर को दावे और आपत्तियों के अंतिम निस्तारण के बाद वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिन लोगों का नाम अंतिम सूची में नहीं होगा, वे निर्धारित दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भरकर नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कांग्रेस की SIR समिति के सदस्य अमरेंद्र बिष्ट ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। वहीं भाजपा विधायक विनोद चमोली ने भी SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के ‘एब्सेंट’ रहने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा पर रावत के बयान से बढ़ी हलचल
इधर हरीश रावत के हरिद्वार से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। हरिद्वार पहुंचे रावत ने हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा उनके मन में है, लेकिन अंतिम निर्णय परिस्थितियों, समय, स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए लिया जाएगा।
रावत ने कहा कि उनकी इच्छा है कि जीवन के अंतिम समय में उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
हरिद्वार से भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरीश रावत को ‘गुगली मास्टर’ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी गुगली किसका स्टंप लेगी या वे खुद कैच आउट होंगे, यह कहा नहीं जा सकता। वहीं मुख्यमंत्री के सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने भी हरीश रावत के पुराने चुनावों का जिक्र करते हुए प्रतिक्रिया दी।
भाजपा की कोर कमेटी बैठक में राज्यसभा सीट और 2027 पर मंथन
इसी राजनीतिक हलचल के बीच देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद रहे। नई संगठनात्मक टीम के गठन के बाद इसे भाजपा की पहली महत्वपूर्ण कोर कमेटी बैठक बताया जा रहा है।
बैठक में उत्तराखंड से रिक्त होने वाली राज्यसभा सीट के लिए संभावित नामों पर रायशुमारी कर पैनल तैयार करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसके अलावा 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन की तैयारियों, आगामी कार्यक्रमों और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को लेकर भी मंथन हुआ।
प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा भी बैठक में शामिल हुए। वहीं ऋषिकेश में आयोजित प्रदेश प्रकोष्ठ संकुल कार्यशाला को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने संबोधित किया। कार्यशाला में विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस तरह उत्तराखंड में एक ओर हरीश रावत से ईडी की पूछताछ और हरिद्वार से उनकी चुनावी इच्छा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है, वहीं SIR में मतदाताओं के नामों को लेकर विपक्ष के सवाल और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में हैं।
इसके साथ ही भाजपा ने राज्यसभा चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं।


