मौसम का रौद्र रूप! रेड अलर्ट के बीच चारधाम यात्रा थमी। नदियां उफान पर, धामों में बर्फबारी
देहरादून। उत्तराखंड में सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा और ट्रेकिंग गतिविधियों को मौसम सामान्य होने तक रोक दिया है।
मौसम के बिगड़े मिजाज का असर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। चमोली जिले में शनिवार को निचले इलाकों में बारिश हुई, जबकि बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी शुरू हो गई।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धुंध और कोहरे के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बर्फबारी के बाद दोनों तीर्थस्थलों का नजारा बदला हुआ नजर आया और यहां पहुंचे श्रद्धालु भी बर्फबारी से उत्साहित दिखाई दिए।
उत्तरकाशी जिले में भी गंगोत्री धाम की ऊंची चोटियों, गोमुख और भारत-चीन सीमा से लगे नेलांग, जादूंग व नीलापानी क्षेत्र में बर्फबारी हुई है। इन इलाकों में कई फीट तक बर्फ जमने की सूचना है।
वहीं यमुनोत्री धाम और यमुना घाटी में पिछले 24 घंटे से बारिश जारी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी होने से तापमान में काफी गिरावट आई है। खराब मौसम और यात्रा स्थगित होने के कारण यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही थम गई है।
रुद्रप्रयाग जिले में भी बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। केदारनाथ धाम में बारिश और बर्फबारी के बीच श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में नजर आए। हालांकि, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए केदारनाथ यात्रा और हेली सेवा को भी रोक दिया गया है।
बदरीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ क्षेत्र में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से आवाजाही को लेकर खतरा बना हुआ है। वहीं मद्महेश्वर यात्रा मार्ग के बनतोली में लकड़ी का पुल तिरछा होने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन ने चारधाम यात्रा को मौसम साफ होने तक रोकने का निर्णय लिया है।
इससे पहले भारी बारिश की स्थिति में यात्रियों को निकटतम होल्डिंग एरिया में रोकने की व्यवस्था पर चर्चा हुई थी, लेकिन रेड अलर्ट और लगातार बदलते मौसम को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। हेमकुंड साहिब और ट्रेकिंग गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, मौसम सामान्य होने तक यात्रा रुकी रहेगी। उन्होंने बताया कि गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के आसपास क्लाउड फॉर्मेशन बढ़ने के कारण भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। ऐसे मौसम में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करना सुरक्षित नहीं है।
गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा भी रोकी: उत्तरकाशी में रेड अलर्ट के बाद प्रशासन ने हीना और दोबाटा होल्डिंग प्वाइंट पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। तहसीलों से बारिश, भूस्खलन और सड़क मार्गों की स्थिति की लगातार जानकारी ली जा रही है। दोनों धामों और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी लाइव सीसीटीवी कैमरों से भी की जा रही है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के चलते ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। घाटों पर जल पुलिस की ओर से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी निर्धारित वार्निंग लेवल से ऊपर दर्ज किया गया। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
पिथौरागढ़ में मौसम से भारत-चीन व्यापार प्रभावित
सीमांत पिथौरागढ़ जिले में खराब मौसम का असर भारत-चीन सीमा व्यापार पर भी पड़ रहा है। चीन के तकलाकोट में करीब डेढ़ फीट बर्फ जमने की सूचना है।
लिपुलेख क्षेत्र और धारचूला की व्यास घाटी में भी बारिश के साथ बर्फबारी हुई है। मुनस्यारी के मल्ला जोहार और 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। आदि कैलाश की ऊंची चोटियां भी बर्फ से ढक गई हैं।
कोरोना काल के बाद करीब छह साल के अंतराल के बाद इस वर्ष भारत-चीन सीमा व्यापार दोबारा शुरू हुआ है। व्यापारियों के अनुसार अनुमति मिलने में देरी के कारण कारोबार पहले ही प्रभावित हुआ है।
अब समय से पहले शुरू हुई बर्फबारी ने व्यापारियों की चिंता और बढ़ा दी है। इस वर्ष 68 व्यापारियों ने ट्रेड पास बनाए हैं, जबकि कई व्यापारी और उनके सहायक अलग-अलग दलों में तकलाकोट पहुंच चुके हैं।
आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा पर भी असर
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खराब मौसम और पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए धारचूला तहसील प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए शनिवार को इनर लाइन परमिट जारी नहीं करने का निर्णय लिया है।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट
मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ की तैनाती की गई है और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों को तैयार रखा गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने, नदी-नालों और उफनते जलस्रोतों से दूर रहने तथा संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों और खड़ी ढलानों पर जाने से बचने की अपील की है।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र को पैदल या वाहन से पार करने की कोशिश नहीं करने और बाढ़ वाले रास्तों से वाहन नहीं निकालने की भी सलाह दी गई है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने तथा कटी हुई उपज को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने विभागों को अलर्ट रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा और अन्य गतिविधियों को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।


