पेड़ ने बचाई दो जान, नदी से निकले शव और तस्करों पर वार समेत कई बड़ी खबरें, पढ़ें….
देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को हादसों, आपराधिक घटनाओं और तेज बहाव वाली नदियों में फंसे लोगों के रेस्क्यू की कई घटनाएं सामने आईं। कहीं बरसात और फिसलन के कारण कार खाई में जा गिरी और पेड़ में अटककर दो युवकों की जान बच गई, तो कहीं संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक की मौत के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस और एसडीआरएफ ने अलग-अलग स्थानों पर डूबते और नदी के बीच फंसे लोगों को बचाया, जबकि नशा तस्करी, डकैती और संगठित अपराध के मामलों में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
देहरादून के दूधली मार्ग पर देर रात दिल्ली नंबर की एक निजी कार रास्ता भटकने के बाद हादसे का शिकार हो गई। बताया गया कि ढलान वाले मार्ग पर बरसात के कारण सड़क पर फिसलन थी, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क से खाई में जा गिरी।
कार कुछ दूरी नीचे जाकर एक पेड़ में अटक गई। यही पेड़ दोनों कार सवार युवकों के लिए जिंदगी और मौत के बीच सुरक्षा कवच बन गया। हादसे में दोनों को हल्की चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों युवक रातभर घटनास्थल के पास ही फंसे रहे और सुबह ग्रामीणों को जानकारी मिलने पर राहत कार्य शुरू हुआ। ग्रामीणों ने मार्ग के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा रेलिंग लगाने और सड़क का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग उठाई है।
राजधानी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र की रक्षा विहार मुस्लिम बस्ती में 21 वर्षीय इफ्तिखार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने अनस, आरिस, जावेद समेत अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है।
आरोप है कि इफ्तिखार के साथ मारपीट और धारदार हथियार से हमला किया गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उसके दोस्त उसे अलग-अलग अस्पतालों में ले जाते रहे, लेकिन परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई।
रायपुर पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल और फील्ड यूनिट से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक के भाई की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
उधर टपकेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य गेट के नजदीक एक पुराने आम के पेड़ का बड़ा हिस्सा गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई और यातायात भी बाधित हुआ। घटना में कुछ कारों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
गनीमत रही कि पेड़ रात के समय गिरा, जिससे किसी बड़ी जनहानि की घटना नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था और यातायात सुचारु कराने की मांग की है। आगामी सावन सोमवार और मंदिर की प्रस्तावित शोभायात्रा को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता भी जताई गई है।
उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनगाड़ के पास गुजरात के यात्रियों से भरा एक टेंपो ट्रैवलर ब्रेक फेल होने के बाद सड़क किनारे पलट गया। वाहन में 17 यात्री सवार बताए गए।
हादसे में कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए गंगनानी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य किया गया।
देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में स्नान के दौरान तेज बहाव में बहे दिल्ली निवासी करीब 50 वर्षीय नौथ राम का शव एसडीआरएफ ने बरामद कर लिया।
एसडीआरएफ की टीम ने सूचना मिलने के बाद संभावित स्थानों पर व्यापक सर्च अभियान चलाया और करीब दो किलोमीटर दूर पांडव वाला पुल के पास शव बरामद किया। शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
वहीं, कलियर उर्स मेले में गंगनहर घाट पर तैनात आपदा राहत दल ने तेज बहाव में बह रहे शाहजहांपुर निवासी 24 वर्षीय साहिल को समय रहते बचा लिया।
घाट पर मौजूद युवकों के शोर मचाने पर 40वीं पीएसी आपदा राहत दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाला और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस लगातार श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने और रेलिंग के भीतर रहकर ही स्नान करने की अपील कर रही है।
यमुना नदी में भी एक बड़ा हादसा टल गया। खरादी स्थित झूला पुल के पास स्नान के दौरान पैर फिसलने से बिहार निवासी 27 वर्षीय श्रमिक सुधीर कुमार उर्फ सुजीत तेज बहाव के बीच फंस गया।
डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर सर्विस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर रस्सियों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने बरसात के दौरान नदियों और गाड़-गदेरों के अचानक बढ़ने वाले जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी में न उतरने की अपील की है।
इधर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा भी लगातार कसता दिखाई दिया। ऋषिकेश पुलिस ने स्वयं को “किंग ऑफ उत्तराखंड” कहने वाले गैंग लीडर जगजीत उर्फ जग्गा समेत उसके गिरोह के चार सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस ने जग्गा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार गिरोह भूमि और पारिवारिक विवादों में हस्तक्षेप कर लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल था।
गिरोह के सदस्यों के खिलाफ वर्ष 2016 से 2026 के बीच करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने जग्गा के घर से “किंग ऑफ उत्तराखंड” लिखा बोर्ड भी बरामद किया है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अन्य नकाबपोश आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस, लूटी गई धनराशि तथा वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा और स्कॉर्पियो कार बरामद करने की जानकारी दी है। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पौड़ी पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस में गांजे की खेप ले जाए जाने का खुलासा किया है। सघन चेकिंग के दौरान पुलिस को एंबुलेंस में मरीज के बजाय बोरियों में भरा करीब 90 किलो गांजा मिला।
पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब पुलिस इस तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क तथा सप्लाई चेन की जांच में जुटी है।
रविवार की इन घटनाओं ने एक बार फिर उत्तराखंड में बरसात के मौसम के दौरान सड़क और नदी किनारे बढ़ते जोखिम के साथ-साथ अपराध और नशा तस्करी की चुनौतियों को भी सामने ला दिया है।
एक ओर पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई से कई लोगों की जान बची, वहीं दूसरी ओर हत्या, डकैती, संगठित अपराध और नशा तस्करी के मामलों में कानून का शिकंजा कसने की कार्रवाई लगातार जारी है।


