क्राइम अपडेट: दून में सिलसिलेवार चोरी, नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, CBI का बड़ा एक्शन, केतन केस और शस्त्र लाइसेंस विवाद

दून में सिलसिलेवार चोरी, नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, CBI का बड़ा एक्शन, केतन केस और शस्त्र लाइसेंस विवाद

देहरादून। उत्तराखंड में अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम एक साथ सामने आए हैं। राजधानी देहरादून में सिलसिलेवार चोरी की वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास ने लोगों को झकझोर दिया।

दूसरी ओर चर्चित केतन लाल हत्याकांड में पॉक्सो मामले को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। वहीं सीबीआई ने लोन पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले फर्जी सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है।

बाजपुर में शस्त्र लाइसेंस सत्यापन अभियान को लेकर सिख समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी है, जबकि पॉक्सो के एक अन्य मामले में फरार आरोपी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की गई है।

देहरादून में दून विश्वविद्यालय परिसर के चार प्रोफेसरों के आवासों को चोरों ने निशाना बनाया। दो फ्लैटों से सोने के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जबकि दो अन्य फ्लैटों के ताले तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया।

इसके अलावा रायपुर के नथुवावाला में बंद मकान से गहने और नकदी तथा मोती बाजार में स्कूटी की डिग्गी से नकदी और मोबाइल चोरी होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

पुलिस ने सभी मामलों में मुकदमे दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

उधर रुद्रपुर में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसी युवक छत के रास्ते घर में घुसा, किशोरी के साथ जबरदस्ती की और दुष्कर्म का प्रयास किया।

पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी का घेराव कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने पॉक्सो और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

चर्चित केतन लाल हत्याकांड में भी नया मोड़ आ गया है। नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में आरोपी दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीणों ने लंबगांव में सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि हत्या और पॉक्सो, दोनों मामलों की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर जारी है।

इधर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने लोन पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले एक फर्जी सरकारी अधिकारी को आगरा से गिरफ्तार किया है।

आरोपी खुद को कृषि भवन, नई दिल्ली स्थित पशुपालन एवं डेयरी विभाग का अधिकारी बताकर सरकारी योजना के तहत लोन स्वीकृत कराने के नाम पर लोगों से कमीशन मांगता था।

जांच में फर्जी सिम, दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल और कई आवेदकों का डेटा मिलने के बाद सीबीआई पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

बाजपुर में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की जांच को लेकर सिख समाज की महापंचायत आयोजित हुई। समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और चेतावनी दी कि यदि 1 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो पूरे जिले में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि सभी लाइसेंसों का सत्यापन कराया जा रहा है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।

वहीं उधम सिंह नगर में पॉक्सो एक्ट के एक अन्य मामले में लंबे समय से फरार आरोपी के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की गई।

पुलिस ने आरोपी के घर पर मुनादी कराते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करने पर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।