सर्वे पूरा, DPR तैयार, फिर भी नहीं चली रेल। RTI ने खोली 8805 करोड़ की योजना की परतें
हल्द्वानी। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत सामने आए एक बड़े खुलासे ने काठगोदाम–नैनीताल नई रेल लाइन परियोजना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया ने परियोजना में हो रही देरी को लेकर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट को विस्तृत शिकायती पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
हेमंत सिंह गौनिया ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर से आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद काठगोदाम–नैनीताल नई रेल लाइन का सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जा चुका है। इसके बावजूद परियोजना वर्षों से आगे नहीं बढ़ सकी है।
आरटीआई के अनुसार प्रस्तावित रेल लाइन की कुल लंबाई 133.80 किलोमीटर है, जबकि काठगोदाम से नैनीताल की सड़क दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। परियोजना की अनुमानित लागत ₹8805.97 करोड़ आंकी गई है।
रेलवे ने अपने जवाब में बताया है कि परियोजना का रेट ऑफ रिटर्न (ROR) -4.93% है, जबकि रेलवे बोर्ड की वर्तमान नीति के अनुसार केवल +10% या उससे अधिक ROR वाली परियोजनाओं पर ही आगे कार्रवाई की जाती है। इसी वजह से यह परियोजना लंबित है।
गौनिया ने सवाल उठाया कि जब सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करने में सरकारी धन खर्च हो चुका है तो परियोजना को वर्षों तक लंबित रखना सार्वजनिक धन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने परियोजना पर अब तक हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
उन्होंने रेल मंत्री से परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने, डीपीआर और तकनीकी रिपोर्टों की समीक्षा कराने, देरी की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।
वहीं प्रधानमंत्री से परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा कर रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, नीति आयोग और उत्तराखंड सरकार के साथ संयुक्त बैठक आयोजित कर अंतिम निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री से भूमि, वन एवं पर्यावरण संबंधी सभी लंबित औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की गई है, जबकि सांसद अजय भट्ट से इस परियोजना को संसद और केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर शीघ्र स्वीकृति दिलाने की पहल करने का आग्रह किया गया है।
हेमंत सिंह गौनिया का कहना है कि नैनीताल विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के बावजूद आज भी रेल संपर्क से वंचित है।
उनका मानना है कि यह परियोजना शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, सड़क जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
RTI से सामने आए प्रमुख तथ्य:
- प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई: 133.80 किमी
- सड़क मार्ग की दूरी: लगभग 35 किमी
- अनुमानित परियोजना लागत: ₹8805.97 करोड़
- रेलवे द्वारा आंका गया ROR: -4.93%
- रेलवे बोर्ड की नीति: +10% या उससे अधिक
- ROR वाली परियोजनाओं पर ही आगे की कार्रवाई


