हाईवे पर मौत, करोड़ों की टैक्स गड़बड़ी, फायरिंग, अदालत की सख्ती और….
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार को सड़क हादसों, अपराध, कर चोरी और न्यायिक कार्रवाई से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आईं।
हल्द्वानी में तेज रफ्तार कैंटर की टक्कर से एक रिटायर्ड फौजी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि राज्य कर विभाग ने होटल और रेस्तरां कारोबार में करीब 9 करोड़ रुपये की जीएसटी अनियमितता का खुलासा किया।
वहीं रुड़की में पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जबकि रुद्रप्रयाग की अदालत ने फर्जी जज बनकर सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने वाले दो आरोपियों को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
इसी जनपद में बहुचर्चित देवर हत्याकांड के दोषी नेपाली मजदूर को आजीवन कारावास मिला। बाजपुर न्यायालय परिसर में मारपीट की घटना से तनाव का माहौल रहा, जबकि काशीपुर पुलिस ने लापता युवती को सकुशल बरामद कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग पर गन्ना सेंटर के पास तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार रिटायर्ड फौजी 47 वर्षीय शमशेर सिंह को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपी की तलाश में जुटी है। हाल के दिनों में बरेली रोड और हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर बेलगाम रफ्तार और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उधर, राज्य कर विभाग के विशेष अभियान में देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी के 57 होटल एवं रेस्तरां प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान करीब 9 करोड़ रुपये की जीएसटी अनियमितताएं सामने आईं।
विभाग की कार्रवाई के बाद कारोबारियों ने 7 करोड़ रुपये का गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस किया, जबकि 1.78 करोड़ रुपये नकद सरकारी खजाने में जमा कराए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी आईटीसी और कर चोरी के मामलों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के बाजुहेड़ी गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि प्रधान पति किशोर सैनी ने अपने छोटे भाई राजेश सैनी पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया, जबकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
रुद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा के दौरान स्वयं को उत्तर प्रदेश का न्यायिक अधिकारी बताकर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने वाले अविनाश मोहन गुप्ता और ज्योति दुबे को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
जांच में उनके पास से फर्जी पहचान पत्र, उत्तर प्रदेश शासन के बोर्ड, हूटर, फ्लैश लाइट, तिरंगा झंडा और कई मोबाइल फोन बरामद हुए थे।
इसी जनपद के चर्चित देवर हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने नेपाली नागरिक अतवारू थारू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि आरोपी ने सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुए विवाद में अपने सहकर्मी शीतल उर्फ संतोष ओली के सिर पर बेलचे से हमला कर उसकी हत्या की थी।
वहीं बाजपुर सिविल न्यायालय परिसर में विजिलेंस शिकायतकर्ता के भाई के साथ कथित मारपीट की घटना से अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना हाल ही में न्यायालय कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
उधर, काशीपुर पुलिस ने पांच जुलाई से लापता युवती को राजस्थान के अजमेर से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में आरोपी मोहम्मद जफर उर्फ आर्यन उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर युवती का पता लगाया गया।
इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, कर अनुपालन और अपराध पर सख्त कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक तंत्र की चुनौतियों और सक्रियता दोनों को सामने ला दिया है।


