बारिश का कहर। केदारनाथ यात्रा रुकी, पिथौरागढ़ में 20 सड़कें बंद। भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
रुद्रप्रयाग/पिथौरागढ़। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रुद्रप्रयाग में भारी भूस्खलन और बोल्डर गिरने से केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है।
वहीं पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश के कारण 20 मोटर मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे सैकड़ों यात्री और स्थानीय लोग जगह-जगह फंस गए हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन से मकानों और मवेशियों को भी नुकसान पहुंचा है।
रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अगले आदेश तक गौरीकुंड गेट से श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है।
जिला प्रशासन, पुलिस, डीडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं तथा क्षतिग्रस्त मार्ग को सुरक्षित बनाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने श्रद्धालुओं से मौसम सामान्य होने तक केदारनाथ यात्रा पर न निकलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परीक्षण पूरा होने और मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने भी लोगों से केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
उधर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में गुरुवार रात हुई भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। थल में सबसे अधिक 199 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि तेजम, बंगापानी, डीडीहाट और धारचूला समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई।
बारिश के चलते धारचूला-तवाघाट, थल-मुनस्यारी, थल-डीडीहाट सहित जिले के 20 प्रमुख मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं।
थल क्षेत्र के नायल सपोली गांव में भूस्खलन से एक मकान की दीवार ढह गई, जिससे गौशाला में बंधे मवेशी दब गए। परिवार ने रातभर टॉर्च की रोशनी में मलबा हटाकर घायल मवेशियों को बाहर निकाला। कई स्थानों पर सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र सिंह महर ने बताया कि सभी बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं और राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।


