क्राइम अपडेट: एसओजी जवान की मौत, दुष्कर्म आरोपी गिरफ्तार और भी कई बड़ी खबरें। पढ़ें….

एसओजी जवान की मौत, दुष्कर्म आरोपी गिरफ्तार और भी कई बड़ी खबरें। पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार और शनिवार के दौरान अपराध, कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। एक ओर जिम में वर्कआउट के दौरान एसओजी के जवान की अचानक मौत से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।

वहीं दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों में पुलिस की कार्रवाई तेज होती दिखी। दूसरी ओर हरिद्वार में क्रिकेट मैच के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जबकि चमोली में फर्जी वीआईपी संस्कृति पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन से “जज” का स्टीकर हटाकर चालान किया।

सबसे दुखद घटना चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र से सामने आई, जहां उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में तैनात 38 वर्षीय कांस्टेबल गिरीश भट्ट की जिम में वर्कआउट के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया गया कि नियमित व्यायाम के दौरान उन्हें चक्कर आया और वह गिर पड़े।

साथी पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल खटीमा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पिथौरागढ़ निवासी गिरीश भट्ट वर्ष 2006 में उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हुए थे और वर्तमान में टनकपुर सर्विलांस कार्यालय की एसओजी यूनिट में तैनात थे।

फिटनेस के प्रति सजग गिरीश पिछले तीन वर्षों से नियमित रूप से जिम जा रहे थे। उनके निधन से पुलिस विभाग और परिवार में गहरा शोक है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।

उधर, हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र से दिल्ली पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में वांछित 26 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में दो महीने से अधिक समय से फरार चल रहा था।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने वर्ष 2023 में पिस्तौल दिखाकर उसका यौन उत्पीड़न किया और घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता रहा।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, जिसके बाद मामले में पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गईं। आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भगवानपुर में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पूर्व में गैर-इरादतन हत्या और जुए से जुड़े मामलों में भी शामिल रहा है।

हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में क्रिकेट मैच के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जमालपुर में मैच खेलकर लौट रहे युवक रितिक पर हरेराम आश्रम के सामने नकाबपोश युवकों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों से की गई मारपीट की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कार्तिक नामक युवक और उसके साथियों पर हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में मामला क्रिकेट मैच के दौरान हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।

वहीं, बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता के परिवार पर समझौते और गवाही बदलने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि दुष्कर्म के आरोपी के परिजनों ने उनके घर में घुसकर उनकी दिव्यांग पत्नी और बेटियों के साथ मारपीट की। आरोप है कि परिवार को मुकदमा वापस लेने और बयान बदलने के लिए लगातार धमकाया जा रहा था।

पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि मार्च 2026 में गांव की 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पहले से जेल में बंद है।

इधर, चमोली जिले में पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत फर्जी वीआईपी संस्कृति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक वाहन से ‘जज’ का स्टीकर हटाकर चालान किया गया।

पाण्डुकेश्वर चेकिंग बैरियर पर पुलिस ने एक कार को रोका, जो गलत दिशा से अन्य वाहनों को ओवरटेक कर आगे निकलने का प्रयास कर रही थी।

पूछताछ में चालक ने बताया कि वाहन उसके दोस्त का है और उसके दोस्त का भाई लखनऊ कोर्ट में कार्यरत है। जांच में सामने आया कि वाहन पर लगा ‘जज’ स्टीकर किसी अधिकृत पहचान के लिए नहीं, बल्कि टोल बचाने और प्रभाव जमाने के उद्देश्य से लगाया गया था।

पुलिस ने तत्काल स्टीकर हटवाकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर उत्तराखंड पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों, फर्जी वीआईपी कल्चर दिखाने वालों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है।

हालिया घटनाएं एक ओर जहां समाज में बढ़ती आपराधिक चुनौतियों की ओर संकेत करती हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस और जांच एजेंसियों की सक्रियता भी साफ दिखाई दे रही है।