अपराध पर वार! पॉक्सो आरोपी गिरफ्तार। कॉलेज रैगिंग मामले में FIR, चार और गिरफ्तार
रुद्रपुर। उधमसिंह नगर जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। आवास विकास चौकी पुलिस ने नैनीताल हाईवे स्थित विधायक कार्यालय के पास हंगामा, मारपीट और पत्थरबाजी कर रहे चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 24 मई को आवास विकास चौकी पुलिस क्षेत्र में गश्त और ड्यूटी पर तैनात थी। तभी सूचना मिली कि विधायक कार्यालय के समीप कुछ लोग आपस में विवाद और मारपीट कर रहे हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने देखा कि चार व्यक्ति आपस में पत्थरबाजी और मारपीट कर रहे थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में भय का माहौल बन गया।
पुलिस ने आरोपियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे लगातार हंगामा करते रहे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित कुमार, कृपाल सिंह, रामपाल और अर्पित पांडे के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था बिगड़ सकती थी। पुलिस ने साफ किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पॉक्सो का फरार आरोपी गिरफ्तार
इधर, नैनीताल पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” के तहत काठगोदाम पुलिस और एसओजी टीम ने पॉक्सो मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब दो महीने से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था।
पुलिस ने तकनीकी और मैन्युअल इंटेलिजेंस की मदद से मुखानी क्षेत्र से उसे दबोच लिया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रकाश चंद्र, कांस्टेबल चंदन सिंह और कांस्टेबल सीपी दिनेश धपोला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
किच्छा सरकारी कॉलेज में रैगिंग और मारपीट का मामला
उधमसिंह नगर जिले के किच्छा स्थित एक सरकारी महाविद्यालय में रैगिंग, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। बीए प्रथम वर्ष के छात्र की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने चार छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि 26 फरवरी को वह अपने साथियों के साथ कॉलेज के कॉमन रूम में बैठा था। तभी चार छात्र वहां पहुंचे और रैगिंग करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट शुरू कर दी। छात्र का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
शिकायत के मुताबिक, कॉलेज के प्रधानाचार्य ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया, लेकिन आरोपी छात्रों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि बाद में कॉलेज गेट बंद कर बाहरी युवकों को बुलाया गया और लाठी-डंडों व अवैध हथियारों के साथ छात्र को घेर लिया गया। इस दौरान उसकी बाइक की चाबी भी छीन ली गई।
पीड़ित छात्र का कहना है कि प्रधानाचार्य के हस्तक्षेप के बाद वह कॉलेज से निकला, लेकिन महाकाली मंदिर के पास आरोपियों और उनके साथियों ने फिर हमला कर दिया। अगले दिन भी कॉलेज में शिकायत के दौरान लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित छात्र ने बताया कि घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसे घर पर रहकर इलाज कराना पड़ा। उसने थाना किच्छा और एसएसपी को शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
उधर, न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने चार छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

