उत्तराखंड में अपराध, ड्रग नेटवर्क और उत्पीड़न के मामलों से सनसनी, कई जिलों में तनाव और कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को हत्या, अवैध ड्रग नेटवर्क, संदिग्ध मौत और छात्राओं से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। खटीमा से लेकर देहरादून, रामनगर और ऋषिकेश तक कई घटनाओं ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी।
खटीमा की पंजाबी कॉलोनी में रास्ते और अतिक्रमण को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां हमले में घायल युवक विवेक कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या की धारा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
वहीं देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में Narcotics Control Bureau की कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ। ग्रीन हर्बल फैक्ट्री में प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग ‘कैप्टागन’ बनाए जाने का भंडाफोड़ हुआ है।
मामले में फैक्ट्री संचालक संजय कुमार समेत कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है। एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क पश्चिम एशियाई देशों तक फैला हुआ है।
इधर रामनगर के कालाढूंगी क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन में कार्यरत संविदा कर्मी देवेंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद नया विवाद खड़ा हो गया।
परिजनों ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उधर ऋषिकेश के आईडीपीएल क्षेत्र स्थित एक स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्राओं से छेड़छाड़ और गलत व्यवहार के आरोप लगे हैं। दो नाबालिग छात्राओं की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक वर्षा रमोला को सौंपी गई है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, अवैध दवा कारोबार और स्थानीय विवादों के हिंसक रूप लेने को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सभी मामलों में अलग-अलग स्तर पर जांच और कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

