पहाड़ पर आफत। कहीं बकरियों की मौत, कहीं गुलदारों की दस्तक, तो कहीं हाथियों का जमावड़ा
देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर मौसम का कहर जारी है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों ने अलग-अलग जिलों में लोगों की चिंता और रोमांच दोनों बढ़ा दिए हैं।
चमोली में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा नुकसान हुआ है, जबकि चंपावत में गुलदारों की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। वहीं हरिद्वार के राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथियों के झुंड ने सैलानियों को रोमांचित कर दिया।
चमोली जिले के दशोली विकासखंड की निजमुला घाटी के गौणा-भनाली तोक में देर रात आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक दर्जन से अधिक भेड़पालकों की करीब 500 बकरियों की मौत हो गई।
राकेश सिंह, हुकम सिंह और मदन लाल समेत कई पशुपालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ितों का कहना है कि इस हादसे ने उनकी वर्षों की मेहनत को खत्म कर दिया है और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। भेड़पालकों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजे की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने 3 से 5 मई तक चमोली सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई थी।
उधर चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक में एक साथ चार गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। डोबाभागू अतखंडी सड़क मार्ग पर चार गुलदारों की चहलकदमी का वीडियो वायरल होने के बाद लोग दहशत में हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी गुलदार के हमले हो चुके हैं, ऐसे में एक साथ कई गुलदारों का दिखना खतरे की घंटी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निर्मल कुमार और दीपक तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में दो अन्य गुलदार भी देखे गए हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। काली कुमाऊं वन रेंज के रेंजर राजेश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वहीं हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में इन दिनों वन्यजीवों की गतिविधियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। जंगल सफारी के दौरान सैलानियों को हाथियों का झुंड देखने को मिला, जिसमें बड़े हाथियों के साथ नन्हे हाथी भी शामिल थे।
हाथियों का सड़क पार करना और जंगल में चहलकदमी करना सैलानियों के लिए रोमांचक अनुभव बन गया। इस दौरान कई पर्यटकों ने इन पलों को अपने कैमरों में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
रेंज अधिकारी दीपक रावत के अनुसार, चीला रेंज में हाथियों की सक्रियता सामान्य है और पर्यटकों को नियमों का पालन करते हुए सफारी करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में जहां मौसम की मार से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं वन्यजीवों की बढ़ती हलचल लोगों के लिए चुनौती और आकर्षण दोनों बनती जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

