श्मशान घाट में डेस्टिनेशन वेडिंग! मर्चूला की घटना से उठे सांस्कृतिक सवाल
अल्मोड़ा। उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने की कवायद के बीच अल्मोड़ा जिले के मर्चूला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक और सांस्कृतिक बहस को तेज कर दिया है।
देखें वीडियो:-
रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर स्थित पारंपरिक अंत्येष्टि स्थल पर विवाह समारोह आयोजित किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बाहरी पर्यटकों का एक समूह विवाह समारोह के लिए मर्चूला पहुंचा था। प्राकृतिक सुंदरता के कारण उन्होंने रिजॉर्ट के समीप उस स्थान को चुना, जिसे स्थानीय लोग वर्षों से श्मशान घाट के रूप में उपयोग करते आए हैं। इसी स्थल पर जयमाला सहित विवाह की रस्में संपन्न की गईं।
वीडियो सामने आते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। आम नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया कि जहां अंतिम संस्कार जैसे संस्कार होते हैं, वहां विवाह जैसे शुभ आयोजन की अनुमति कैसे दी गई।
सामाजिक संगठनों का विरोध
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को परंपराओं और आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील और धार्मिक महत्व वाले स्थान पर इस तरह के आयोजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले में प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। तहसीलदार आबिद अली ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थल, विशेषकर श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होती है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में न तो प्रशासन को सूचना दी गई और न ही अनुमति ली गई। प्रशासन ने रिजॉर्ट संचालक से जवाब तलब करने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही है।
रिजॉर्ट प्रबंधन का पक्ष
रिजॉर्ट प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने आयोजनकर्ताओं को वैकल्पिक स्थान सुझाया था, लेकिन उन्होंने स्वयं इस लोकेशन को चुना। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आयोजन से पहले स्थानीय प्रशासन या ग्राम समुदाय से कोई अनुमति ली गई थी या नहीं।
डेस्टिनेशन वेडिंग पर उठे सवाल
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तराखंड सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।
ऐसे में यह मामला चेतावनी देता है कि बिना स्पष्ट नियमों और स्थानीय परंपराओं के सम्मान के इस तरह की गतिविधियां विवाद को जन्म दे सकती हैं।
फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और आने वाले समय में सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

