UTU के नवम दीक्षांत समारोह में 37 मेडल, 14 PHD उपाधियां और पांच हजार से अधिक छात्रों को सौंपी डिग्री
देहरादून। वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) का नवम दीक्षांत समारोह 22 अप्रैल 2026 को भव्य और गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. धन सिंह रावत (उच्च शिक्षा मंत्री) और डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा (सचिव, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा) ने शिरकत की।
उपाधियों और मेडल्स की झलक
दीक्षांत समारोह में कुल 14 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई, जबकि स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर 5127 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं। साथ ही 37 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक भी वितरित किए गए।
बीटेक की ओवरऑल टॉपर गुंजन भटनागर को श्रीमती विनोद देवी अग्रवाल मेमोरियल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
नई सुविधाओं का लोकार्पण
कार्यक्रम से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में 124 सीटों वाले महिला छात्रावास और टाइप-III आवासों का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा सभी छह परिसरों में भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र स्थापित करने की घोषणा भी की गई।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां
कुलपति प्रोफेसर तृप्ता ठाकुर ने बताया कि,
- विश्वविद्यालय में वर्तमान में 26,115 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं
- अब तक 34,257 डिग्रियां डिजिलॉकर के माध्यम से जारी की जा चुकी हैं
- शोधार्थियों द्वारा 37 पेटेंट दर्ज, जिनमें से 25 प्रकाशित
- आईआईटी रुड़की और आईआईटी रोपड़ सहित कई संस्थानों से एमओयू
तकनीकी पहल और भविष्य की योजनाएं
विश्वविद्यालय द्वारा
- AI Literacy Mission की शुरुआत
- Smart Manufacturing Lab की स्थापना
- EVORA App के विकास की योजना
- जैसी पहलें की जा रही हैं, जिससे छात्रों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा सके।
अतिथियों के प्रेरणादायक संदेश
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने विद्यार्थियों से “नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने” का आह्वान किया और कहा कि युवा भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रहे हैं।
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे केवल डिग्री वितरण नहीं, बल्कि “परिश्रम और सपनों की उपलब्धि का उत्सव” बताया। साथ ही विश्वविद्यालय में 350 पदों पर भर्ती और 16 करोड़ की निधि देने की घोषणा की।
सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डेटा साइंस में दक्षता विकसित करने और समाजहित में कार्य करने की अपील की।
यूटीयू का नवम दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव रहा, बल्कि यह तकनीकी नवाचार, शोध और भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक बना। समारोह ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड के युवा अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

