चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ में श्रद्धालु की मौत, बदरीनाथ-तुंगनाथ में भक्तिमय माहौल

चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ में श्रद्धालु की मौत, बदरीनाथ-तुंगनाथ में भक्तिमय माहौल

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत जहां एक ओर आस्था और उल्लास के साथ हुई, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं की हकीकत ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

केदारनाथ धाम में एक श्रद्धालु की मौत और परिजनों को झेलनी पड़ी परेशानियों ने सिस्टम की तैयारियों की पोल खोल दी, जबकि बदरीनाथ धाम और तुंगनाथ मंदिर में कपाट खुलने के साथ भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

केदारनाथ में श्रद्धालु की मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

चारधाम यात्रा के पहले ही दिन गुजरात के बड़ौदा निवासी श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर न तो मेडिकल सहायता मिली और न ही रेस्क्यू व्यवस्था सक्रिय दिखी।

मृतक के बेटे हेमंत माली के अनुसार, पिता की तबीयत बिगड़ने पर 100 नंबर पर कॉल करने के बावजूद डेढ़ घंटे तक कोई मदद नहीं पहुंची। मजबूरी में उन्हें खुद पिता को पिठू पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

शव को लेकर भी लापरवाही के आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि शव करीब दो घंटे तक हेलीपैड पर धूप में पड़ा रहा। हेलीकॉप्टर की मांग के बावजूद तुरंत व्यवस्था नहीं की गई। वहीं एंबुलेंस के लिए 16 हजार रुपये मांगे जाने का आरोप भी सामने आया, जिसने संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए।

हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि हेली सेवाओं के निरीक्षण (DGCA) के चलते देरी हुई और अनुमति मिलने के बाद शव को हेलीकॉप्टर से नीचे भेजा गया।

सोनप्रयाग में भी एक और श्रद्धालु की मौत

यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में भी उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी 32 वर्षीय राहुल चौधरी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बदरीनाथ में डोलियों के आगमन से भक्तिमय माहौल

वहीं दूसरी ओर बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल के प्रतिनिधि उद्धव जी और कुबेर जी की डोलियां भव्य रूप से धाम पहुंच गईं। पूरे यात्रा मार्ग में “जय बद्री विशाल” के जयकारों, वैदिक मंत्रोच्चार और भारतीय सेना के बैंड की धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।

धाम को करीब 20 कुंतल फूलों से सजाया गया है और 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

तुंगनाथ धाम के कपाट भी खुले

इसी क्रम में पंचकेदारों में तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट भी विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। करीब 700 श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर दर्शन किए। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया और भंडारों का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया।

सीएम धामी और पीएम मोदी का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए यात्रा को सुरक्षित और मंगलमय बनाने की कामना की।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा को भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और “डिजिटल उपवास” अपनाने की अपील की।

आस्था के साथ व्यवस्था भी जरूरी

चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है, लेकिन केदारनाथ में सामने आई घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल दावे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूत व्यवस्थाएं भी उतनी ही जरूरी हैं।

यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है कि आस्था के इस मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।