बड़ी खबर: दो जिलों में दो हादसे और दो लोगों की मौत। सात घायल

दो जिलों में दो हादसे और दो लोगों की मौत। सात घायल

  • कौडियाला में कार-ट्रक भिड़ंत में महिला की मौत, सिरगा मार्ग पर खाई में गिरने से व्यक्ति की जान गई

देहरादून। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में बीते 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।

दोनों घटनाओं में राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और शवों को बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया।

कौडियाला में कार-ट्रक टक्कर, महिला की मौत

टिहरी गढ़वाल के कौडियाला क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 08:05 बजे एक कार सड़क किनारे खड़े सरिया से लदे ट्रक से टकरा गई। सूचना मिलते ही चौकी व्यासी के माध्यम से SDRF टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

कार में चालक समेत कुल 8 लोग सवार थे, जिनमें 5 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल थे। हादसे में धूमा देवी (55 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय दिलवर सिंह, की मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनका शव वाहन में बुरी तरह फंस गया था, जिसे SDRF टीम ने कटर (RR Saw) की सहायता से बाहर निकाला।

अन्य 7 घायलों को सामान्य चोटें आई हैं, जिन्हें एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

उत्तरकाशी में खाई में गिरने से व्यक्ति की मौत

वहीं, उत्तरकाशी जिले के मोरी थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक व्यक्ति की खाई में गिरने से मौत हो गई। SDRF पोस्ट मोरी को सूचना मिली कि जखोल से आगे सिरगा मोटर मार्ग पर एक व्यक्ति गहरी खाई में गिर गया है।

मुख्य आरक्षी सत्येंद्र सिंह के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान चलाया। जानकारी के अनुसार, व्यक्ति का पैर फिसलने से वह करीब 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया। मृतक की पहचान खेम चंद (41 वर्ष), निवासी हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। शव को अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

लगातार हादसों ने बढ़ाई चिंता

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए यह घटनाएं चुनौती बनती जा रही हैं, जहां समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।